वसंत और होली के गीतों से सराबोर हुई काव्य गोष्ठी, कवियों ने बांधा समां

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद् की ओर से रविवार को हरि निवास स्थित काव्यांजलि कुंज कक्ष, आनंद मार्ग कॉलोनी, अलीगंज में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कविरत्न महेंद्र प्रसाद निशाकर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नरेश ठाकुर ‘निराला’ उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार पटेल थे। मंच संचालन डॉ. नवीन निकुंज ने किया और आयोजन की जिम्मेदारी विनय कुमार ‘कबीरा’ ने निभाई।
गोष्ठी का शुभारंभ कपिल देव ‘कृपाला’ द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद उपस्थित कवियों ने वसंत ऋतु के आगमन और होली के उल्लास पर आधारित गीतों व कविताओं की मनभावन प्रस्तुति दी। काव्य पाठ के दौरान वातावरण पूरी तरह वसंतमय हो उठा और श्रोतागण झूमने लगे।
कार्यक्रम में वसंत की मोहकता को रेखांकित करते हुए कवियों ने कहा-“सब्भै ऋतु से वसंत के छै अलगे कहानी, लागै बैठली दुल्हिन जेना घोघो तानीः”
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकृति की हरियाली, रंगों की छटा और मानवीय भावनाओं के उमंग को जीवंत कर दिया। गोष्ठी में नरेश ठाकुर ‘निराला’, सुनील कुमार पटेल, भानू झा, अजीत शान्त, डॉ. नवीन निकुंज, नवज्योति वर्मा, जयन्त जलद, विनय कबीरा, कपिलदेव कृपाला, महेंद्र निशाकर, कामता प्रसाद तथा राजेश कुमार सहित कई रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक विनय कबीरा ने सभी उपस्थित साहित्यकारों के मस्तक पर अबीर का टीका लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। इस स्नेहिल वातावरण ने तन-मन को वसंत के रंग में रंग दिया और उपस्थित जनों का मन गदगद हो उठा।
काव्य गोष्ठी का समापन पारस्परिक शुभकामनाओं और साहित्यिक संवाद के साथ हुआ।