न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने 10 जनवरी 2026 को आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक में केंद्र सरकार के समक्ष बिहार की विकास आवश्यकताओं, वित्तीय चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि बिहार ने बीते वर्षों में सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और वर्ष 2024-25 में राज्य ने 13.09 प्रतिशत की उच्च विकास दर दर्ज कर देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते राज्यों में स्थान बनाया है।वित्त मंत्री ने बताया कि सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तीसरे चरण की शुरुआत कर राज्य सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को और गति दी है, जिससे मानव पूंजी को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्होंने आगामी केंद्रीय बजट में मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग का अनुरोध किया।ब्याज-मुक्त ऋण सीमा बढ़ाने की मांग,श्री विजेंद्र यादव ने पूंजीगत व्यय के लिए ब्याज-मुक्त दीर्घकालिक ऋण सुविधा को और विस्तार देने की मांग करते हुए कहा कि बिहार के लिए इसे बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये किया जाए, जिसमें 50 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सीमा शामिल हो। इससे राज्य को उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सहायता मिलेगी।उन्होंने उपकर और अधिभार के बढ़ते हिस्से पर चिंता जताते हुए कहा कि कुल कर राजस्व में इनका हिस्सा वर्ष 2011-12 के 10.4 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 के बजट अनुमान में 13.6 प्रतिशत हो गया है, जिससे बिहार जैसे राज्यों को राजस्व हानि हो रही है। उन्होंने इन्हें विभाज्य कोष के दायरे में लाने की मांग की।अतिरिक्त ऋण सीमा और बाढ़ राहत पैकेज,वित्त मंत्री ने बिहार की भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली आपदाओं का हवाला देते हुए राज्य को जीएसडीपी के 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण की अनुमति देने का आग्रह किया। साथ ही नेपाल से आने वाली नदियों—कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और तिलयुगा—से होने वाली बाढ़ को देखते हुए 2026-27 के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए विशेष बाढ़ राहत एवं डिजास्टर रेज़िलिएंस पैकेज देने की मांग की।कृषि, उद्योग और रोजगार पर जोर
उन्होंने कृषि-केंद्रित योजनाओं, आधुनिक बाढ़ प्रबंधन, GIS मैपिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, इंटरलिंकिंग ऑफ रिवर्स, स्टार्ट-अप इन्क्यूबेशन केंद्रों और ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों में निवेश को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए केंद्र से विशेष सहयोग का अनुरोध किया, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य संतुलित विकास की राह पर आगे बढ़ सके।अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र के सहयोग से बिहार देश की विकास यात्रा में एक सशक्त इंजन के रूप में योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

































