भागलपुर के विकास के लिए बुलंद हुई आवाज : समाजसेवी विशाल आनंद ने सड़क, जाम और जलभराव के खिलाफ खोला मोर्चा

न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर

रेशम नगरी भागलपुर के बुनियादी ढांचों और नागरिक सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वर तेज कर दिए हैं। भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के अध्यक्ष और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता विशाल आनंद ने शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था, जर्जर सड़कों और अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।

दक्षिण भागलपुर की अनदेखी पर उठाए सवाल
विशाल आनंद ने विशेष रूप से दक्षिण भागलपुर के विकास की अनदेखी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि शहर का यह हिस्सा लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि दक्षिण क्षेत्र को भी ‘स्मार्ट सिटी’ परियोजना के दायरे में लाया जाए, ताकि यहाँ के निवासियों को भी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

इन प्रमुख मांगों पर बुलंद की आवाज
विशाल आनंद ने शहर की समस्याओं को सूचीबद्ध करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है :-

अतिक्रमण से मुक्ति: मुख्य बाजारों और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार: शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए ठोस ट्रैफिक प्लान की जरूरत।

स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता: बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा और सुविधा के लिए पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाने और सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की मांग।

नाला और सड़क: जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और जर्जर सड़कों की मरम्मत।

आक्रामक रुख से प्रशासन में हलचल
विशाल आनंद ने स्पष्ट किया है कि यदि शहर की इन बुनियादी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे अपनी आवाज को और अधिक प्रखर करेंगे। उनके इस आक्रामक तेवर ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के बैनर तले वे समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट कर भागलपुर के सर्वांगीण विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं।