न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
शाहकुंड अंचल कार्यालय की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। समाहरणालय, भागलपुर की ओर से की गई जांच में पाया गया कि अंचल अधिकारी डाॅ. हर्षा कोमल की कार्यशैली के कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और मामलों के निष्पादन में भारी लापरवाही बरती जा रही है।
जिला प्रशासन के आदेश पर 10 मार्च 2026 को अंचल कार्यालय शाहकुंड का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अंचल अधिकारी शनिवार को बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय छोड़कर पटना चले गए थे। उन्होंने न तो अपने कार्यालय में सूचना दी और न ही अपने वरीय पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी। इससे कार्यालय के कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना “सात निश्चय–3” के तहत चल रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जानी है, लेकिन अंचल कार्यालय में इस दिशा में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी। बिना सूचना कार्यालय से अनुपस्थित रहना सेवा कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता का मामला माना गया है।
निरीक्षण के दौरान लंबित मामलों को लेकर भी गंभीर स्थिति सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, परिमार्जन प्लस में अंचल अधिकारी के स्तर पर 37 मामले लंबित पाए गए, जबकि राजस्व अधिकारी के लॉगिन पर कोई मामला लंबित नहीं था।
दाखिल-खारिज के 138 मामले अंचल अधिकारी के लॉगिन में लंबित हैं, जिनका निपटारा अब तक नहीं किया गया है।
एलपीसी के 862 आवेदन अंचल अधिकारी द्वारा अस्वीकृत किए गए पाए गए।
परिमार्जन प्लस के वेरिफिकेशन में 104 मामले लंबित मिले, जबकि राजस्व अधिकारी के स्तर पर कोई मामला लंबित नहीं था।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि अंचल अधिकारी द्वारा अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया जा रहा है, जिससे सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
उप समाहर्ता द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में इस पूरे मामले में अंचल अधिकारी शाहकुंड से स्पष्टीकरण मांगने और आवश्यक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है।
































