न्यूज स्कैन ब्यूरो सुपौल
वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी सच्चिदानंद सुमन ने आरटीपीएस एवं राजस्व से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अपर समाहर्ता नेआरटीपीएस के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सेवाएँ सीधे नागरिक हित से जुड़ी होती हैं, इसलिए सभी अधिकारी लंबित आवेदनों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर निपटाएँ। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि—जाति प्रमाणपत्र आवासीय प्रमाणपत्र आय प्रमाणपत्र ,पेंशन संबंधी सेवाएँ
राशन कार्ड निर्माण एवं सुधार
इन सभी सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं, उन्हें प्रतीक्षा में न रखा जाए तथा आरटीपीएस की निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाए।
इसके अतिरिक्त अपर समाहर्ता ने जिले में चल रहे राजस्व महाअभियान और अन्य राजस्व कार्यों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रगति माँगी। इसमेंम्यूटेशन (दाखिल-खारिज) मामलों का निष्पादन,परिमार्जन कार्य और अभिलेखों का अद्यतन
भूमि विवादों के निराकरण की स्थिति
लंबित राजस्व मामलों की श्रेणीवार प्रगति ,राजस्व अभिलेखों की शुद्धता एवं डिजिटाइजेशन अपर समाहर्ता महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी स्वीकार्य नहीं है। जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रखंड एवं अंचल स्तर पर लंबित मामलों की दैनिक समीक्षा, नियमित फॉलो-अप एवं साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाए।
बैठक के अंत में अपर समाहर्ता ने दोहराया कि आरटीपीएस एवं राजस्व से जुड़े कार्य प्रशासन की छवि तथा जनसंतोष से सीधे जुड़े हैं। अधिकारीगण अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ निर्वहन करें, ताकि सभी सेवाओं का समय पर लाभ जनता तक पहुँच सके।
































