बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भागलपुर में राहत कार्य शुरू

  • 13 कम्युनिटी किचन चालू, 1381 परिवारों को पॉलिथीन शीट्स वितरित, 49 नावों का संचालन


न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित ठहराव, भोजन, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।

13 स्थानों पर सामुदायिक रसोई शुरू

बाढ़ से प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में कुल 13 सामुदायिक किचन शुरू किए गए हैं। इनमें नाथनगर में 5, सबौर में 1, सुल्तानगंज में 4 तथा शाहकुंड में 2 किचन शामिल हैं। इन रसोइयों में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को पका-पकाया भोजन प्रदान किया जा रहा है।

1381 परिवारों को पॉलिथीन शीट्स का वितरण

प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास की सुविधा के तहत प्रशासन ने अब तक 1381 परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया है। वितरण की स्थिति इस प्रकार है:

नाथनगर: 700

सबौर: 100

सुल्तानगंज: 150

शाहकुंड: 96

रंगराचक: 150

इस्माइलपुर: 130

नारायणपुर: 55

नावों के संचालन से हो रहा आवागमन सुगम

बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कुल 49 नावों की व्यवस्था की है। ये नावें निम्नलिखित क्षेत्रों में चलाई जा रही हैं:

नाथनगर: 9 नाव

सबौर: 6 नाव

सुल्तानगंज: 9 नाव

शाहकुंड: 1 नाव

रंगराचक: 5 नाव

कहलगांव: 5 नाव

इस्माइलपुर: 2 नाव

गोपालपुर: 5 नाव

नारायणपुर: 7 नाव

ठहराव के लिए सुरक्षित स्थल निर्धारित

प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था भी की है। नाथनगर क्षेत्र में महाशय ड्योढ़ी, टीएनबी कॉलेजिएट, चर्च मैदान, बाल निकेतन और इवनिंग कॉलेज का पुराना परिसर राहत शिविर के रूप में चिन्हित किए गए हैं।
वहीं जगदीशपुर प्रखंड में पॉलिटेक्निक कॉलेज को ठहराव स्थल बनाया गया है।

अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं

इन राहत स्थलों पर अस्थायी शौचालयों, चापाकलों, पीने के पानी के लिए दो-दो टैंकर, पशुचारा और सामुदायिक किचन की भी व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और ज़रूरत के अनुसार राहत कार्यों का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।