न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
पटना उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने आज पोक्सो अधिनियम के तहत लंबित मामले में दो अपीलार्थियों बंटी कुमार यादव और अन्य को आजीवन कारावास की सजा से मुक्त कर दिया। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सौरवेंद्र पाण्डेय की खंडपीठ ने सिविल कोर्ट, भागलपुर द्वारा दी गई सजा को रद्द कर अपीलार्थियों को जेल से रिहा करने का आदेश पारित किया।
अपीलार्थियों की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार सिन्हा बहस कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि अपीलार्थियों पर झूठा मुकदमा दायर किया गया है। अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता का बयान प्राथमिकी, धारा 161 और 165 आई.पी.सी. के तहत और कोर्ट में गवाही में भिन्न-भिन्न है। उनका आरोप है कि यह मुकदमा केवल अपने एक पुरुष मित्र को बचाने के लिए बनाया गया।
श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि डॉक्टरों ने बलात्कार की पुष्टि नहीं की और पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही। साथ ही पीड़िता के परिवारिक पृष्ठभूमि में कई विसंगतियां हैं। अपीलार्थी पिछले 6 वर्षों से शहीद जुब्बा साहनी सेंट्रल जेल, भागलपुर में बंद है।
खंडपीठ ने अपीलार्थियों के दलीलों को मान्यता देते हुए उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया।
इस मामले की जानकारी भागलपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता कपिलदेव कुमार ने दी।



























