प्रदीप ‘विद्रोही’, भागलपुर
राजनीति में ‘आभार सभा’ आमतौर पर शांति और सम्मान का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन रविवार को कहलगांव में जो कुछ हुआ, उसने स्थानीय सियासत को एक नया मोड़ दे दिया। भाजपा विधायक पवन यादव ने समर्थकों से खचाखच भरी सभा में घोषणा कर दी कि वे अब कहलगांव विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
सभा की अध्यक्षता कर रहे प्रो. दुर्गा शरण सिंह ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा, “कल पवन यादव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।” इसके तुरंत बाद, पवन यादव ने मंच से माइक संभाला और भावुक होते हुए कहा कि
“जनता मालिक है। वही नामांकन दाखिल करेगी। हम तो बस नामांकन पत्र में साइन करेंगे।”
पार्टी से दूरी की पृष्ठभूमि:
मालूम हो कि भाजपा के अंदर टिकट बंटवारे को लेकर आखिरी समय तक ऊहापोह की स्थिति बनी रही। पवन यादव की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई। यह सीट जदयू के खाते में चली गई और शुभानंद मुकेश को एनडीए समर्थित अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद पवन यादव ने पार्टी लाइन से अलग होकर जनता के बीच सीधे उतरने का फैसला किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह बागी कदम चुनावी नतीजों में क्या रंग लाता है।
चुनाव मैदान का समीकरण:
अब इस चुनावी अखाड़े का स्वरूप देखने लायक होगा। एक ओर एनडीए समर्थित जदयू के प्रत्याशी शुभानंद मुकेश होंगे, तो दूसरी ओर महागठबंधन समर्थित राजद की ओर से झारखंड सरकार में मंत्री संजय यादव के पुत्र रजनीश यादव ताल ठोकेंगे।
वहीं, महागठबंधन की ही ओर से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के रूप में प्रवीण सिंह कुशवाहा भी मैदान में होंगे। बागी पवन यादव और कांग्रेसी प्रत्याशी प्रवीण सिंह कुशवाहा सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे।

































