रामगढ़ नगर पंचायत में विकास ठप! तीन साल बाद भी अधर में योजनाएँ, पार्षदों ने बोर्ड बैठक का किया बहिष्कार

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
रामगढ़ नगर पंचायत के गठन के तीन साल बीत जाने के बाद भी विकास कार्यों में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखने पर वार्ड पार्षदों ने गुरुवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक का एकजुट होकर बहिष्कार कर दिया। बैठक शुरू होने से पहले ही परिषद भवन में माहौल गरमा गया और पार्षदों ने आरोपों की बौछार कर दी।
बैठक में शामिल होने पहुंचे उपमुख्य पार्षद और अन्य सभी पार्षदों ने कहा कि जब पिछली बैठकों में स्वीकृत विकास योजनाओं पर एक भी काम जमीन पर नहीं उतरा, तो नई बैठक बुलाना “बेमानी” है।
वार्ड नं. 11 के पार्षद अनुराग सिंह ने तीखे शब्दों में कहा—“तीन साल से कागजों पर योजनाएँ बन रही हैं, लेकिन ज़मीन पर एक ईंट भी नहीं रखी गई। जब पुरानी योजनाओं पर काम ही शुरू नहीं हुआ, तो बार-बार बैठक बुलाने का क्या औचित्य? हम विकास चाहते हैं, खानापूर्ति नहीं।”
इसी तरह कई महिला वार्ड पार्षदों ने भी पुरानी योजनाओं के लटके रहने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जनता उनसे सवाल पूछ रही है, लेकिन प्रशासन बहानों के सहारे टालमटोल कर रहा है।
इस पूरे विवाद पर नगर कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) राहुल कुमार ने स्पष्ट किया कि बैठक नियमित प्रक्रिया के तहत आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया—
“सभी पार्षदों द्वारा लिखित रूप से बहिष्कार किए जाने के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। जल्द ही उनकी आपत्तियों पर चर्चा कर नई तिथि तय की जाएगी। लंबित योजनाओं पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
रामगढ़ नगर पंचायत में पार्षदों और प्रशासन के बीच बढ़ते इस टकराव ने स्थानीय विकास कार्यों पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि विवाद सुलझने के बाद नगर में ठप पड़े कार्य कब गति पकड़ते हैं।