पूर्णिया में ‘उद्योग वार्ता’: उद्यमियों की समस्याओं पर प्रशासन सख्त, उद्यमियों ने भी खुलकर रखी अपनी बात… समाधान का आश्वासन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
बिहार में औद्योगिकीकरण और निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूर्णिया जिला प्रशासन अब सीधे उद्यमियों के द्वार पर है। बियाडा (मरंगा) में आयोजित ‘उद्योग वार्ता’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का ध्यान अब नगरीकरण और औद्योगिक विकास पर है, इसलिए उद्यमियों की समस्याओं का समाधान अब फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर तुरंत किया जाएगा।

उद्यमियों का दर्द: आखिर कहां आ रही हैं परेशानियां?
इस बैठक में 100 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया और अपनी गंभीर समस्याओं को साझा किया:
अवैध वसूली का आतंक: उद्यमियों ने शिकायत की कि नगर निकाय क्षेत्रों में स्टैंड ठेकेदारों द्वारा जबरन बैरियर लगाकर औद्योगिक वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है, जिससे व्यापार की लागत और मानसिक परेशानी बढ़ रही है।
बुनियादी ढांचे का अभाव: औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी की खराब व्यवस्था, जर्जर सड़कें और समुचित सुरक्षा (स्ट्रीट लाइट व पुलिस गश्त) की कमी को बड़ी बाधा बताया गया।
बिजली और मार्केटिंग: उद्यमियों को बिजली की निर्बाध आपूर्ति न मिलने और उत्पादों की बिक्री के लिए एक उचित ‘औद्योगिक मार्केटिंग यार्ड’ की कमी खल रही है।
परिवहन में बाधा: छोटे मालवाहक वाहनों को एमवीआई (MVI) द्वारा अनावश्यक रूप से रोके जाने के कारण व्यापारियों तक माल पहुँचाने में देरी होती है।

रूपेश कुमार सिंह के प्रमुख सुझाव और मांगें –
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के रीजनल हेड और बियाडा आईएएमसी (IAMC) के चेयरमैन रूपेश कुमार सिंह ने उद्यमियों की ओर से एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
जिला स्तरीय इंडस्ट्रियल कमेटी: जिले में एक समर्पित कमेटी का गठन हो जो नए व्यवसायों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दे सके।
अनुकूल बाजार व्यवस्था: गुलाबबाग जैसे नए विकसित बाजारों में स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाए ताकि उन्हें उत्पाद बेचने के लिए भटकना न पड़े।
डेडिकेटेड पावर फीडर: बियाडा क्षेत्र के लिए अलग बिजली फीडर की व्यवस्था हो ताकि उत्पादन प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रहे।
अवैध वसूली पर रोक: नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्रों में अवैध बैरियर को तत्काल हटाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।

राहत की उम्मीद: डीएम ने क्या दिया आश्वासन?
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने उद्यमियों की बातों को सुनने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस बैठक से निम्नलिखित सकारात्मक बदलावों की उम्मीद है:
त्वरित समाधान: जिलाधिकारी ने कहा कि जो समस्याएं जिले स्तर की हैं, उनका निराकरण तुरंत होगा।
सोमवार और शुक्रवार की विशेष खिड़की: उद्योग विभाग के सचिव अब प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को उपस्थित रहकर उद्यमियों की समस्याएं सुनेंगे। यदि जिला स्तर पर समाधान न हो, तो उद्यमी सीधे पटना में सचिव से मिल सकते हैं।
सुरक्षा और सफाई: औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर साफ-सफाई, पुलिस सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाएगा।