कला केंद्र में 31 दिसंबर को ‘वर्षांत समारोह’, 1 जनवरी को ‘नव वर्ष सांस्कृतिक मेला’ लगेगा

  • कला केंद्र में नव वर्ष सांस्कृतिक मेला 2026 की तैयारी बैठक सम्पन्न

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

कला केंद्र, भागलपुर में वर्ष सांस्कृतिक मेला 2026 की तैयारी को लेकर सांस्कृतिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. योगेंद्र ने की।
बैठक में समिति के सदस्यों ने मेला आयोजन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। गौतम कुमार ने बताया कि इस वर्ष भी मेला का आयोजन कला केंद्र लाजपत पार्क परिसर के निकट ही किया जाएगा। समिति के संयोजक उदय ने कहा कि नव वर्ष सांस्कृतिक मेला की शुरुआत वर्ष 1989 के भागलपुर दंगे के बाद समाज में व्याप्त आपसी दूरी और अपसंस्कृति के विरुद्ध एक सांस्कृतिक मुहिम के तौर पर की गई थी। शहर के अनेक सांस्कृतिक-सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह मेला समय के साथ एक व्यापक और पहचान योग्य आयोजन बन गया।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर सैण्डिस कंपाउंड में आयोजन पर रोक लगाई गई, जिसके बाद संस्कृति कर्मियों ने मेला को कला केंद्र में आयोजित करना शुरू किया। बैठक में उपस्थित विभिन्न कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मेला अब भागलपुर ही नहीं, पूरे बिहार की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और इसे समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।

राहुल बने संयोजक, राजेश कुमार झा सह- संयोजक

बैठक में सर्वसम्मति से राहुल को नव वर्ष सांस्कृतिक मेला 2026 का संयोजक तथा राजेश कुमार झा को सह-संयोजक चुना गया।
नशा-विरोधी अभियान की जरूरत
जनप्रिय के गौतम कुमार ने कहा कि समाज में नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए मेले में नशा-विरोधी जनजागरण अभियान चलाया जाना आवश्यक है।
दो दिवसीय आयोजन: 31 दिसंबर और 1 जनवरी
निर्णय लिया गया कि यह आयोजन दो दिनों का होगा।
31 दिसंबर 2025 — वर्षांत समारोह, जिसमें “भारतीय संस्कृति की आवश्यकता और चुनौतियां” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
1 जनवरी 2026 — नव वर्ष सांस्कृतिक मेला, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
एकता नाट्य मंच के राजेश कुमार झा ने कहा कि संस्कृति के नाम पर अपसंस्कृति की प्रवृत्ति बढ़ रही है, ऐसे में लोक-सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
इप्टा के संजीव कुमार दीपू ने नगर प्रशासन पर सांस्कृतिक धरोहर को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि मेला आयोजन के लिए पुनः सैण्डिस कंपाउंड को उपलब्ध कराया जाए।
कला केंद्र क्षेत्र को सांस्कृतिक ज़ोन बनाने की पहल
रंग ग्राम के सुनील कुमार, कपिल देव मंडल समेत कई कलाकारों ने कहा कि फिलहाल संस्कृति कर्मियों को कला केंद्र और लाजपत पार्क क्षेत्र को सांस्कृतिक वातावरण से समृद्ध बनाने पर जोर देना चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए डॉ. योगेंद्र ने सांस्कृतिक पतन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नई सांस्कृतिक धारा कैसे तैयार हो, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। धर्म और अध्यात्म की उपेक्षा ठीक नहीं है, इसलिए अच्छे धार्मिक-अध्यात्मिक विचारों को समाज में प्रसारित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आंदोलन को पुनर्जीवित कर आम जनता तक जोड़ने के अभियान को मजबूत करना होगा। साथ ही मेला आयोजन में नए सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों को जोड़ने की भी जरूरत है।
इन संस्थाओं की होंगी प्रस्तुतियां
नव वर्ष सांस्कृतिक मेला 2026 में परिधि, आलय, इप्टा, अंजुमन बाग-ओ-बहार, रंग ग्राम, एकता नाट्य मंच, कला केंद्र, जनप्रिय, गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र सहित कई संगठनों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। अन्य कई साहित्यिक व नाट्य समूह अगली बैठक में अपने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।
बैठक का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राहुल ने किया।
इस अवसर पर डॉ. योगेंद्र, उदय, मृदुला सिंह, डॉ. अलका सिंह, डॉ. सुनील अग्रवाल, संजीव कुमार दीपू, गौतम कुमार, अर्जुन शर्मा, कपिल देव रंग, श्वेता कुमारी, रश्मि झा, सरिता कुमारी, ललन, स्मृति, श्रेया, सुनील कुमार सहित अनेक संस्कृति कर्मी उपस्थित थे।