- बांका जिले के बौंसी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, भागलपुर ले जाते समय टूटी सांस
न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
बांका जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 34 वर्षीय नसीमा बीबी, पत्नी मो. इकबाल अंसारी, निवासी हरिलवा गाँव, बनहुआकुरा थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। नसीमा बीबी की मौत परिजनों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि बांका जिले के बौंसी अस्पताल में भर्ती करने के बाद भी नसीमा को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। महिला दर्द से तड़पती रही लेकिन अस्पताल में मौजूद एनएम (ANM) और नर्सों ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती। परिजनों का कहना है कि प्रसव कराने के दौरान अस्पताल कर्मियों ने जबरदस्ती दबाव डालकर डिलीवरी कराने का प्रयास किया, जिससे महिला की बच्चेदानी फट गई और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।
गंभीर स्थिति को देखते हुए नसीमा को आनन-फानन में भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
“नहीं जाने दिया प्राइवेट अस्पताल” — मृतका की सास
मृतका की सास रकिंवा देवी ने बताया कि सोमवार की रात करीब 9 बजे नसीमा को प्रसव पीड़ा के चलते बौंसी अस्पताल लाया गया था। वहां वह पूरी रात दर्द से कराहती रही लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्स सोती रहीं। काफी गुहार लगाने के बाद देर रात उसे लेबर रूम ले जाया गया।
रकिंवा देवी के अनुसार, “पूरी रात से सुबह हो गया लेकिन प्रसव नहीं हो पाया। हालत बिगड़ती देख हमने नसीमा को प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन नर्स और अस्पताल कर्मियों ने जाने नहीं दिया। बार-बार हाथ जोड़ने पर भी रेफर नहीं किया गया।”
उनका कहना है कि नर्सों ने नसीमा को दो-तीन इंजेक्शन दिए और पेट दबाकर प्रसव कराने का प्रयास किया। इसी दौरान अधिक दबाव पड़ने से उसकी बच्चेदानी फट गई और ब्लीडिंग शुरू हो गई। आखिरकार, जब स्थिति गंभीर हो गई तो अस्पताल ने भागलपुर रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिवार में मातम
नसीमा बीबी के असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गई हैं।
कार्रवाई की मांग
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के कारण नसीमा की जान गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से इस मामले की जांच कर दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


























