- भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना नेपाल की महिला बनी त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन
. भ्रष्टाचार मुक्त जागरूकता अभियान संयोजक, आरटीआई कार्यकर्ता सह जनसुरज नेता अनिल कुमार सिंह ने किया मामले का खुलासा, कहा हो कार्रवाई
न्यूज स्कैन ब्यूरो सुपौल
अगर आप जुगाड़ तकनीक से वाकिफ हैं और धन खर्च करने की हैसियत रखते हैं तो आप अपनी उंगली पर नियम-कायदे को नचा सकते हैं।कोसी के समानांतर बह रही भ्रष्टाचार की धारा आपके लिए अनुकूल साबित होगी।क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई नेपाली नागरिक बिहार में जनप्रतिनिधि बन सकता है ? यह सुपौल में संभव है।नेपाल की नागरिक संगीता जब त्रिवेणीगंज में व्याह कर आई तो उसकी इच्छा सरकारी नौकरी करने की हुई। पति सामर्थ्यवान थे तो पड़ोसी जिला मधुबनी की निवासी बनाकर शिक्षक बना दिया।नौकरी से मन ऊब गया तो पति को ही पिता बनाकर पहले मतदाता बनी और फिर त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन बन गई। अब आरटीआई कार्यकर्ता अनिल कुमार सिंह ने मामले का परत दर परत खुलासा करते हुए चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग किया है।
कौन है नप चैयरमेन संगीता
नगर परिषद चैयरमेन संगीता कुमारी मूल रूप से नेपाल के सप्तरी जिला इनरवा निवासी सुरैत यादव की पुत्री है। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1984 ई को हुआ है। माता का नाम फूलों देवी यादव है ।नेपाल की संगीता कुमारी यादव का विवाह सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज लतौना निवासी पूर्व मुखिया बिजेंद्र यादव से हुआ तथा वर्तमान में त्रिवेणीगंज नगर परिषद की पहली चेयरमैन है।
फर्जी प्रमाण पत्र पर लगभग साढ़े 7 वर्ष तक सरकारी शिक्षिका की नौकरी
मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड अंतर्गत खजौली गांव निवासी महेंद्र यादव की पुत्री संगीता कुमारी गर्ल्स हाई स्कूल खजौली से वर्ष 2006 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुई। जिसका रोल नंबर 739 रोल कोड 6218 और जन्मतिथि 3 जनवरी 1992 है। उसके बाद संगीता कुमारी इंटर विज्ञान की परीक्षा आरके कॉलेज मधुबनी से 2010 में द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुई। जिसका रोल 10027 और रोल कोड 5201 है।
नेपाल निवासी सुरैत यादव की पुत्री एवं त्रिवेणीगंज निवासी बिजेंद्र यादव की पत्नी संगीता कुमारी यादव ने मधुबनी निवासी महेंद्र यादव की पुत्री संगीता कुमारी का मैट्रिक एवं इंटर मार्कशीट एवं प्रमाण पत्र निकालकर त्रिवेणीगंज प्रखंड अंतर्गत महेशुआ पंचायत में 2014 में शिक्षक पद पर आवेदन समर्पित की। तत्कालीन पंचायत सचिव सदस्य सचिव पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई महेशुआ प्रखंड त्रिवेणीगंज जिला सुपौल बैजनाथ राय ने अपने कार्यालय पत्रांक 03 दिनांक 15 अप्रैल 2014 को संगीता कुमारी पिता महेंद्र यादव ग्राम लतौना भाया त्रिवेणीगंज जिला सुपौल को पंचायत शिक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया और 30 दिनों के अंदर प्राथमिक विद्यालय पहलवाना में योगदान देने का आदेश दिया। संगीता कुमारी की नियुक्ति जिला शिक्षा पदाधिकारी सुपौल के पात्र अंक 454 दिनांक 8 अप्रैल 2015 के द्वारा निर्गत दिशा निर्देश एवं पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई महेशुआ के बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में किया गया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी त्रिवेणीगंज के द्वारा 2 मई 2015 को संगीता कुमारी पिता महेंद्र कुमार यादव को योगदान स्वीकृत किया गया। संगीता कुमारी ने दिनांक 2 मई 2015 को ही प्राथमिक विद्यालय पहलवान में योगदान देकर 6 सितंबर 2022 को शिक्षक के पद पर त्यागपत्र दे दिया और त्रिवेणीगंज नगर परिषद के चेयरमैन के पद पर चुनाव लड़ी।
पति को ही पिता बनाकर संगीता को किया गया जाति प्रमाण पत्र निर्गत
नेपाल की संगीता कुमारी यादव के पिता का नाम सुरैत यादव है एवं मधुबनी की संगीता कुमारी के पिता का नाम महेंद्र कुमार है ।लेकिन त्रिवेणीगंज प्रखंड के अंचलाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी पिछड़ा वर्ग /अत्यंत पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र संख्या 191 दिनांक 17 जनवरी 2015 में संगीता कुमारी पुत्री विजेंद्र यादव गांव लतौना पोस्ट ऑफिस लतौना प्रखंड त्रिवेणीगंज जिला सुपौल का निवासी बताया है। जबकि संगीता कुमारी यादव के पति का नाम विजेंद्र यादव है।
न्यायलय को भी चेयरमैन संगीता ने दिया धोखा
संगीता कुमारी ने न्यायालय कार्यपालक दंडाधिकारी त्रिवेणीगंज जिला सुपौल के समक्ष दिनांक 6 फरवरी 2016 को शपथ पत्र के माध्यम से शपथ पूर्वक बयान दी है कि मैं संगीता कुमारी पिता महेंद्र यादव पति विजेंद्र यादव ग्राम पोस्ट लतौना थाना त्रिवेणीगंज सुपौल की अस्थाई निवासी हूं तथा मैं मैट्रिक परीक्षा गर्ल्स हाई स्कूल खजौली मधुबनी से प्रथम सैनी से उत्तीर्ण हुई हूं। मेरा रोल नंबर 739 रोल कोड 6218 एवं जन्मतिथि 3 जनवरी 1992 है। इंटर परीक्षा आरके कॉलेज मधुबनी से वर्ष 2010 में उत्तीर्ण हुई हूं रोल नंबर 10027 एवं रोल कोड 5201 है। मेरा दोनों परीक्षा का प्रवेश पत्र खो गया है। प्रवेश पत्र खो जाने के कारण यह शपथ पत्र तामिल करती हूं।
जबकि इसी प्रमाण पत्र के आधार पर संगीता कुमारी पिता महेंद्र यादव उत्क्रमित मध्य विद्यालय ककड़धरी प्रखंड खजौली जिला मधुबनी में शिक्षिका के पद पर कार्यरत है तथा इनका ससुराल मधुबनी जिला के ही विरोल गांव में है।
चैयरमेन संगीता कुमारी यादव को भारत की नागरिकता नहीं
नेपाली महिला के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की एक प्रक्रिया है ।भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार यदि कोई विदेशी महिला किसी भारतीय नागरिक से वैधानिक रूप से विवाह करती है और लगातार 7 वर्ष तक भारत में निवास करती है तो वह गृह मंत्रालय को आवेदन देकर भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन-पत्र देती है। इसमें विवाह प्रमाण पत्र एवं 7 साल उपस्थिति का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। गृह मंत्रालय द्वारा अंतिम मंजूरी एवं प्रमाण पत्र निर्गत होने के बाद ही विदेशी महिला भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकती है। लेकिन नगर परिषद त्रिवेणीगंज की चेयरमैन संगीता कुमारी यादव को अभी तक गृह मंत्रालय द्वारा प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया है।
मतदाता सूची से नाम हटा, फिर भी नगर परिषद की बनी चेयरमैन:
भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा बिहार में की गई एस आईआर 2025 में स्पष्ट दिशा निर्देश दिया गया था कि वर्ष 2003 की मतदाता-सूची में जिनके माता-पिता का नाम नहीं है उन्हें भारतीय होने का प्रमाण पत्र देना होगा। क्योंकि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में ना तो अध्यक्ष संगीता कुमारी यादव का ही नाम था और ना ही इनके पिता सुरैत यादव माता फूलों देवी का ही नाम था। इसलिए अध्यक्ष संगीता कुमारी यादव को भारतीय नागरिकता होने का प्रमाण पत्र की मांग बीएलओ एवं पदाधिकारी के द्वारा किया गया। लेकिन संगीता कुमारी यादव ने भारतीय होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया। जिसके कारण 44 त्रिवेणीगंज विधानसभा मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 प्रकाशन तिथि 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित किया गया जिसमें भाग संख्या 168 आरकेबी उच्च विद्यालय त्रिवेणीगंज मतदान केंद्र के क्रमांक 616 पर दर्ज मतदाता संगीता कुमारी यादव पिता विजेंद्र यादव के नाम को डिलीट कर दिया गया ।यही कारण है कि चेयरमैन संगीता कुमारी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकी।
आरटीआई कार्यकर्ता ने की कार्रवाई की मांग
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भ्रष्टाचार मुक्त जागरूकता अभियान के संयोजक आरटीआई कार्यकर्ता सह जनसुराज नेता अनिल कुमार सिंह ने कहा है कि फर्जी सर्टिफिकेट की तो जांच की जा रही है लेकिन अब उससे भी गंभीर मामला यह है कि एक ही सर्टिफिकेट पर कई लोग नौकरी कर रहे हैं। जिसका सर्टिफिकेट जांच में सही निकल रहा है ।लेकिन जब शिक्षक शिक्षिका का जांच किया जाए तो सैकड़ो मामले उजागर होगा। सिंह ने सरकार से मांग किया कि शिक्षक शिक्षिका का जांच किया जाए तथा नगर परिषद चेयरमैन को पद से अविलंब हटाया जाए।































