न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
कैमूर जिले के भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में जीविका द्वारा एक दिवसीय PWD (Persons With Disabilities) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे कर्मियों के बीच दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और उनकी दैनिक चुनौतियों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कराना था।
कार्यशाला के दौरान जीविका कर्मियों ने स्वयं दिव्यांगजनों की भूमिका निभाते हुए उनके जीवन की कठिनाइयों को समझने का प्रयास किया। इस क्रम में कर्मियों ने व्हीलचेयर, बैसाखी और आंखों पर पट्टी बांधकर चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, ई-रिक्शा में बैठने तथा लेन-देन जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया।
भभुआ सदर अस्पताल की बीपीएम अर्चना यादव एवं जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक कुणाल कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि इस कार्यशाला में जीविका के जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी कर्मियों ने भाग लिया। गतिविधियों के माध्यम से कर्मियों ने स्वयं अनुभव किया कि दिव्यांगजनों को रोजमर्रा के जीवन में किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति और दिव्यांग व्यक्ति की परिस्थितियां बिल्कुल अलग होती हैं। जैसे दृष्टिबाधित व्यक्ति के लिए चलना-फिरना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और लेन-देन करना अत्यंत कठिन होता है। वहीं बैसाखी या व्हीलचेयर के सहारे चलने वाले लोगों को भी अनेक सामाजिक और भौतिक बाधाओं से जूझना पड़ता है। इन्हीं वास्तविकताओं को समझाने और समाज तक दिव्यांगजनों की भावनाओं एवं जरूरतों को पहुंचाने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और इस बात पर सहमति जताई कि दिव्यांगजनों के लिए योजनाओं और सेवाओं को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक कुणाल कुमार शर्मा सहित जीविका के सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मी उपस्थित रहे।
कैमूर में जीविका द्वारा दिव्यांगजन संवेदनशीलता पर एक दिवसीय PWD कार्यशाला आयोजित



























