पहली बार नीतीश ने छोड़ा गृह विभाग: बिहार की नई सत्ता संरचना में BJP का दबदबा, सम्राट चौधरी बने ‘कानून-व्यवस्था के नए मुखिया’

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना

बिहार की राजनीति में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। नई सरकार के गठन के बाद विभागों के बंटवारे में ऐसा बड़ा बदलाव देखने को मिला, जिसकी कल्पना लंबे समय से नहीं की जा रही थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 साल बाद गृह विभाग छोड़ दिया है—एक ऐसा विभाग जो अब तक उनके सबसे मजबूत और प्रभावी नियंत्रण का प्रतीक माना जाता था। यह मंत्रालय अब बीजेपी कोटे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास चला गया है, जिससे राज्य की सत्ता संतुलन में बड़ा परिवर्तन स्पष्ट दिखता है।
सम्राट चौधरी के हाथ में बिहार की सुरक्षा व्यवस्था की चाबी
गृह विभाग मिलने के साथ ही सम्राट चौधरी अब बिहार की पूरी कानून-व्यवस्था के सबसे बड़े फैसलों के केंद्र में होंगे। पूरे पुलिस विभाग की रिपोर्ट सीधे उन्हीं को जाएगी। IPS अधिकारियों की पोस्टिंग से लेकर ट्रांसफर और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक के आदेश अब वे जारी करेंगे। नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान, STF–SOG की कार्रवाई, संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़े ऑपरेशनों की मंजूरी भी वे ही देंगे। यह परिवर्तन बीजेपी की ताकत बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।
वित्त विभाग JDU के पास, बिजेंद्र यादव को दोहरी जिम्मेदारी
बीजेपी ने इस बार वित्त विभाग जदयू को सौंपकर बड़ा संकेत दिया है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव अब वित्त विभाग की भी कमान संभालेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें टीम नीतीश के सबसे भरोसेमंद चेहरों में और मजबूती से स्थापित करती है। मंगल पांडे को एक बार फिर स्वास्थ्य मंत्रालय का भार दिया गया है, साथ में विधि विभाग की अहम जिम्मेदारी भी।
पहली बार मंत्री बनीं नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह को खेल विभाग की कमान मिली है, जो युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकेत देती है।
विजय कुमार सिन्हा को दो शक्तिशाली विभाग, कृषि विभाग रामकृपाल यादव को
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग और खान एवं भू-तत्व विभाग दिया गया है, जो बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक संरचना में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उनसे कृषि विभाग लेकर बीजेपी के अनुभवी नेता रामकृपाल यादव को सौंपा गया है।
HAM प्रमुख संतोष सुमन का विभाग जस का तस
हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन एक बार फिर लघु जल संसाधन विभाग संभालेंगे। माना जा रहा था कि उनका विभाग बदलेगा, लेकिन उन्हें पूर्ववत जिम्मेदारी दी गई।
नितिन नवीन को अतिरिक्त शक्ति, नए चेहरों को भी मौका
नितिन नवीन को पथ निर्माण के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग भी दिया गया है, जो बिहार की शहरी नीति और आधारभूत संरचना से जुड़ा प्रमुख मंत्रालय है।
वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग सौंपकर उन्हें आर्थिक नीति में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
शुक्रवार देर शाम जारी सूची में 26 मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया गया। 20 नवंबर को शपथ ग्रहण के 24 घंटे बाद विभागों का बंटवारा संभव हुआ।
बिहार कैबिनेट: विभागवार पूरी और नई सूची
सम्राट चौधरी – गृह विभाग
विजय कुमार सिन्हा – भूमि एवं राजस्व विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग
मंगल पांडे – स्वास्थ्य विभाग, विधि विभाग
दिलीप जायसवाल – उद्योग विभाग
नितिन नवीन – पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग
रामकृपाल यादव – कृषि विभाग
संजय टाइगर – श्रम संसाधन विभाग
अरुण शंकर प्रसाद – पर्यटन विभाग
सुरेन्द्र मेहता – कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
नारायण प्रसाद – पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
रमा निषाद – पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
लखेन्द्र पासवान – अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग
श्रेयसी सिंह – सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, खेल विभाग
प्रमोद चंद्रवंशी – सहकारिता विभाग, पर्यावरण–वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
श्रवण कुमार – ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग
विजय चौधरी – जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग
विजेंद्र यादव – ऊर्जा विभाग, वित्त विभाग
जमा खान – अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
सुनील कुमार – शिक्षा विभाग
मदन सहनी – समाज कल्याण विभाग
अशोक चौधरी – ग्रामीण कार्य विभाग
लेसी सिंह – खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
संजय सिंह – लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग
संजय पासवान – गन्ना उद्योग विभाग
दीपक प्रकाश – पंचायती राज विभाग
संतोष सुमन – लघु जल संसाधन विभाग
CM हाउस में दिनभर चला गहन विचार-विमर्श
सुबह सम्राट चौधरी विभागों की प्रस्तावित सूची लेकर CM हाउस पहुंचे, जहाँ दोनों नेताओं की 50 मिनट तक बातचीत चली। इसके बाद जदयू प्रमुख नेताओं ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी के साथ सीएम ने लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक की। शाम 5 बजे नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी संयुक्त रूप से सूची लेकर राजभवन पहुंचे। 5.15 बजे अंतिम सूची जारी कर दी गई।