नीतीश कुमार के शासनकाल में अतिपिछड़ा समाज सशक्त हुआ: पूर्व विधायक लखन ठाकुर

  • जिले के मरौना प्रखंड स्थित बड़हरा में जदयू अति पिछड़ा सम्मेलन का किया गया आयोजन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

जिले के मरौना प्रखंड स्थित बड़हरा में जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जदयू अतिपिछड़ा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष भोला मंडल ने की। मंच संचालन प्रखंड अध्यक्ष अमरदेव कामत ने किया। मौके पर पूर्व विधायक लखन ठाकुर ने कहा कि अतिपिछड़ों के उत्थान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की लंबी फेहरिस्त है। राज्य सरकार की तमाम उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना है और प्रदेश के अतिपिछड़ा समाज को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में अतिपिछड़ा समाज हर पैमाने पर सशक्त हुआ है। वर्ष 2005 में बिहार की बागडोर संभालते ही नीतीश कुमार ने राज्य अतिपिछड़ा आयोग का गठन किया। पंचायती राज एवं नगर निकायों चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। निर्धारित समय सीमा में जातीय गणना हुई और आंकड़ों के मुताबिक अतिपिछड़ा समाज के आरक्षण में बढ़ोतरी की गई। नीतीश कुमार के विकास मॉडल की चर्चा देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में होती है। अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष किशन मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अतिपिछड़ा समाज के मसीहा हैं। अपने 19 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने अतिपिछड़ा समाज को सशक्त किया है। जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने इस वर्ग को ध्यान में रखकर कई योजनाएं शुरू कीं, जैसे- मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग मेधा छात्रवृत्ति योजना, जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित कर इन वर्गों के लोगों को लाभ देने का काम किया है।

-नीतीश कुमार ने हाशिये पर रहे अतिपिछड़ों को राजनीतिक पहचान दी
जदयू प्रवक्ता प्रमोद कुमार मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सही मायने कर्पूरी ठाकुर के सपनों को साकार करने का काम किया है। नीतीश कुमार ने हाशिये पर रहे अतिपिछड़ों को राजनीतिक पहचान दी, ताकत दी और राजनीति के साथ-साथ विकास से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। आज हर राजनीतिक दल को अतिपिछड़ा वर्ग की जरूरत है, लेकिन अतिपिछड़ा वर्गों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता अख्तियार कर चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हो या सरकारी नौकरी, आज सब जगह अतिपछिड़ा समाज मौजूदगी दिखा रहा है तो यह सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लोक कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बीते 19 वर्षों में अतिपिछड़ा समाज में डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, अफसर और विधायक-सांसद जितने लोग बने हैं, वो सभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की देन है। इसके पहले बिहार में जिस किसी की सरकार बनी, उसने अतिपिछड़ा समाज को न शिक्षित करने का काम किया, न ही नौकरी-रोजगार देने का काम किया, केवल इस समाज को वोट बैंक बनाकर ठगने का काम किया। मौके पर महासचिव खुर्शीद आलम, चंद्र भूषण मंडल, रामदेव कामत, जीवनेश्वर साह, रामचंद्र यादव, जगदीश यादव, बजरंग कामत, रविन्द्र यादव, मो प्यारे, सरोज मंडल, घनश्याम, ललन मंडल, सियाराम मंडल, मकसूद आलम सहित मौजूद थे।