भागलपुर भाजपा में NDA की एकजुटता पर दरार! भाजपा जिलाध्यक्ष के रवैये से गठबंधन सहयोगी नाराज़, ‘गठबंधन धर्म’ बना सवाल

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भागलपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अंदरूनी एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि भारतीय जनता पार्टी के ज़िलाध्यक्ष संतोष कुमार साह के कथित रवैये को लेकर गठबंधन सहयोगी दलों में गहरा असंतोष पनप रहा है। आरोप है कि भाजपा नेतृत्व के कार्यक्रमों में सहयोगी दलों के ज़िला नेताओं को न तो समय पर सूचना दी जा रही है और न ही उन्हें मंच पर वह सम्मान दिया जा रहा है, जो गठबंधन धर्म की मूल भावना का हिस्सा है।
सूत्र बताते हैं कि जब भी भाजपा के मंत्री या वरिष्ठ नेता भागलपुर दौरे पर आते हैं, तब गठबंधन सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को या तो पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है या फिर औपचारिकता निभाने के नाम पर मंच से बाहर संक्षिप्त मुलाकात करवा दी जाती है। इससे यह संदेश जा रहा है कि गठबंधन केवल कागज़ों तक सीमित रह गया है।
हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के भागलपुर आगमन और उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के होटल चिन्मय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी यही स्थिति देखने और सुनने को मिली। इन आयोजनों के बाद एनडीए से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि भागलपुर में गठबंधन धर्म को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।


गठबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एनडीए की असली ताकत आपसी सम्मान, समन्वय और बराबरी के व्यवहार में रही है, लेकिन भागलपुर में अपनाया जा रहा यह रवैया उस परंपरा के विपरीत है। लगातार हो रही अनदेखी से ज़मीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और इसका सीधा असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी समन्वय पर पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, गठबंधन सहयोगी दलों को उम्मीद है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेगा और भागलपुर में हो रहे कार्यक्रमों की कार्यशैली की समीक्षा करेगा। साथ ही भविष्य में होने वाले सभी राजनीतिक व संगठनात्मक आयोजनों में सहयोगी दलों को समय पर सूचना, मंच पर सम्मानजनक स्थान और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि एनडीए की मर्यादा और आपसी भरोसा दोनों बचाए रखे जा सकें।
राजनीतिक गलियारों में अब सवाल यह है—क्या भागलपुर में गठबंधन केवल नाम का रह गया है, या शीर्ष नेतृत्व समय रहते इस बढ़ती दरार को पाट पाएगा?