पक्षकारों की दृढ़ इच्छा-शक्ति से ही होगा विवादों का स्थायी समाधान : प्रधान जिला जज

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
भभुआ व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अनुराग ने कहा कि पक्षकारों की दृढ़ इच्छा-शक्ति से ही किसी भी विवाद का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी समझौते के माध्यम से विवादों को समाप्त करने का प्रभावी मंच है, जहां न कोई हारता है और न कोई जीतता है, बल्कि शांति और सद्भाव की जीत होती है।
उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मुकदमों के निपटारे से न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि परिवार और समाज में भी सौहार्द का वातावरण बनता है। प्रधान जिला जज ने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंककर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पारा लीगल वालंटियर्स से अपील की कि वे मुकदमों के निपटारे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रामीणों और पक्षकारों को अधिक से अधिक राहत प्रदान करें। उन्होंने बैंकों से भी आग्रह किया कि कृषि एवं ग्रामीण ऋण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए यथासंभव रियायत दें।
इस अवसर पर द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार मिश्र ने कहा कि लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा के तहत भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लोक अदालत की परिकल्पना और उसका क्रियान्वयन लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विवादों का त्वरित और स्थायी समाधान संभव होता है तथा समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहती है।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ चौबे ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलह के आधार पर मामलों के निपटारे से लंबी मुकदमेबाजी से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरीय अधिवक्ता एवं रेडक्रॉस सचिव प्रसून कुमार मिश्र ने लोक अदालत की परिकल्पना, उद्देश्य और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए इसे सर्वोच्च न्यायालय की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने प्रधान जिला जज के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुमन सौरभ द्वारा लगातार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को बधाई दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुमन सौरभ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत भभुआ में नौ बेंच तथा अनुमंडलीय न्यायालय मोहनियां में दो बेंच का गठन किया गया है। उन्होंने पक्षकारों से किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विवेक कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार तिवारी, विनय प्रकाश तिवारी, अरुण तिवारी, प्रमोद कुमार पाण्डेय, हर्ष वर्धन त्रिपाठी, एसीजेएम हेमा कुमारी, डॉ. शैल, रेहान रजा, कृतिका द्विवेदी, शालिनी शुक्ला, लोक अभियोजक सच्चिदानंद राय, लीगल एड डिफेंस काउंसिल जितेन्द्र उपाध्याय, अधिवक्ता संघ के कार्यकारी महासचिव विकास शर्मा, अधिवक्ता प्रभाकर दूबे, गोपाल तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, अधिकारी, पारा लीगल वालंटियर्स और आम नागरिक उपस्थित थे।