न्यूज स्कैन ब्यूरो,किशनगंज
किशनगंज जिले के पोठिया थाना क्षेत्र के चनामना टोला नजरपुर निवासी 26 वर्षीय ततहीर राजा उर्फ पाले की रहस्यमय ढंग से गुमशुदगी का मामला सामने आया है। ततहीर, जो बांका जिले के पशुपालन विभाग में सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है, 27 अगस्त 2025 को अपने घर से बांका के लिए निकला था। लेकिन भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है।
परिजनों की शिकायत के बावजूद किशनगंज, भागलपुर और बांका पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है, जिससे परिवार में आक्रोश और निराशा है।परिजनों के अनुसार, ततहीर ने 27 अगस्त को शाम करीब 5 बजे घर से डुबरीगढ़ एक्सप्रेस पकड़ने के लिए किशनगंज स्टेशन के लिए प्रस्थान किया। 28 अगस्त की तड़के 2:25 बजे भागलपुर स्टेशन पहुंचने के बाद उसने अपनी मां और भाई को फोन कर सुरक्षित पहुंचने की सूचना दी। लेकिन सुबह 7 बजे जब परिजनों ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल रिंग होने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। सुबह 9 बजे के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने व्यापक खोजबीन की, लेकिन ततहीर का कोई सुराग नहीं मिला।
ततहीर के चाचा जाकिर हसैन ने बताया, “मेरा भतीजा एक महीने पहले ही पशु पालन विभाग में सरकारी नौकरी पर लगा था। बांका जाते समय वह लापता हो गया। हमने भागलपुर, बांका और किशनगंज पुलिस के पास शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन हर जगह हमें टरकाया गया। भागलपुर पुलिस ने कहा कि बांका में शिकायत करें, बांका पुलिस ने कहा कि किशनगंज में जाएं, और किशनगंज के पोठिया थाने ने कहा कि जहां लापता हुआ, वहां शिकायत करें। पांच दिन से हम इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक FIR तक दर्ज नहीं हुई।”
ततहीर के भाई अब्दुल कैयुम ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “खोजबीन में समय लगने के कारण शिकायत दर्ज करने में देरी हुई, लेकिन पुलिस का रवैया निराशाजनक है। मेरी मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार ने बताया कि ततहीर की गुमशुदगी ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है। पोठिया थाना पुलिस का कहना है कि मामला भागलपुर में हुआ, इसलिए वहां की पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, भागलपुर और बांका पुलिस एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही है। इस बीच, ततहीर के परिजन पुलिस की इस निष्क्रियता से बेहद परेशान हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



























