फाल्गुन शुक्ल पंचमी पर श्री 1008 भगवान मल्लिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा-भक्ति से मनाया गया

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

फाल्गुन शुक्ल पंचमी के अवसर पर जैन धर्म के उन्नीसवें तीर्थंकर श्री मल्लिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों ने भगवान के श्रीचरणों में “नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु” उच्चारण करते हुए अर्घ अर्पित किया तथा एक-दूसरे को मोक्ष कल्याणक महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।श्री चंपापुरी सिद्ध क्षेत्र के मंत्री सुनील जैन ने बताया कि भगवान मल्लिनाथ का जीवन तप, त्याग और वैराग्य का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजन-अर्चन कर आत्मकल्याण और विश्व शांति की मंगलकामना की।

जैन समाज के मंत्री अशोक पाटनी ने जानकारी दी कि भगवान मल्लिनाथ ने शाश्वत सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखर जी के संवल कूट से फाल्गुन शुक्ल पंचमी के दिन निर्वाण पद प्राप्त किया था। मान्यता है कि इसी कूट से 96 करोड़ मुनियों ने भी सिद्ध पद की प्राप्ति की। श्रद्धालुओं के अनुसार, भगवान के चरण आज भी सम्मेद शिखर पर विद्यमान हैं, जो आस्था का प्रमुख केंद्र है।

भगवान मल्लिनाथ का संक्षिप्त परिचय

भगवान मल्लिनाथ का जन्म मिथिलापुरी में हुआ था। उनके पिता राजा कुंभराज और माता रानी प्रभावती (प्रज्ञावती) थीं। उनका लांछन ‘कलश’ है, जो पूर्णता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। वे श्वेतवर्ण/नीलवर्ण के थे और उनकी आयु 55,000 वर्ष बताई जाती है। उन्होंने अशोक वृक्ष के नीचे दीक्षा लेकर केवलज्ञान प्राप्त किया तथा अंततः सम्मेद शिखर पर मोक्ष प्राप्त किया। जैन इतिहास में उन्हें अत्यंत विरक्त और अविवाहित तीर्थंकर के रूप में स्मरण किया जाता है।

समाज के सदस्य सुमित जैन ने बताया कि इस अवसर पर शांति धारा, अभिषेक, पूजन-पाठ, आरती एवं निर्वाण लाडू चढ़ाकर समारोह धूमधाम से मनाया गया। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, समस्त जीवों के निरोग और सुखी रहने की कामना तथा समृद्धि के लिए मंगल भावना व्यक्त करना रहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष विजय जैन, महामंत्री पदम जैन, संजय जैन, राजीव जैन, अजीत जैन, संदीप कुर्मा वाला, वैभव जैन, महेंद्र जैन, नरेश काला, राजेश जैन, प्रकाश जैन, विकास जैन, आलोक जैन, संजय काला, सुमति देवी, पूजा जैन, शशि जैन, मंजू जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।