मौनी अमावस्या मौन व्रत रखने का दिन-आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

रविवार को मौनी अमावस्या है। आचार्य धर्मेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि मौनी अमावस्या का मतलब यानी मौन रखने का दिवस। जीवन में मनुष्य को साल में एक दिन मौन भी रहना चाहिए, जिससे आत्मिक सुख शांति की प्राप्ति होती है ।यह मौन व्रत धारण पहले के समय में ऋषि महर्षि लोग काफी मौन व्रत धारण करते थे। बहुत ऋषि महर्षि अभी भी ऐसे हैं जो मौन व्रत रख कर मोनी बाबा के नाम से जाने जाते हैं ।मौन व्रत जीवन में रखने से कभी-कभी मनुष्य को निश्चित रूप से आध्यात्मिक शक्ति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है तथा शास्त्रों में कहा गया है मोनम सर्वार्थ साधनम्, जब किसी भी समस्या का हल ना हो पाए तब उन्हें अगर उस समस्या के निदान के स्वरूप में मौन व्रत रखा जाए तो निश्चित रूप से मौन व्रत की तपस्या के प्रताप से उन समस्याओं का समाधान मानव के जीवन में हो जाता है ।यही सबसे बड़ा संजोग और तप है। इसीलिए प्रयास पूर्वक सबको कल कम समय के लिए ही लेकिन मौन व्रत रखनी चाहिए जिससे आत्मिक सुख की शांति की प्राप्ति हो सके।