ADM कोर्ट में मामला पेंडिंग, फिर भी पुलिस और सीओ ने कराया जमीन पर कब्जा!

  • भागलपुर के सन्हौला में कानून को रौंदते भू-माफिया बेखौफ

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भागलपुर जिले के सन्हौला थाना अंतर्गत नगदाहा गांव से कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।
यहां 50 वर्षों से दखलकार मालिक के कब्जे वाली जमीन को अवैध तरीके से कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है और हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल में सन्हौला अंचलाधिकारी और थाना अध्यक्ष की भूमिका सवालों के घेरे में है।

ADM भागलपुर के न्यायालय में मामला लंबित, फिर भी जबरन कार्रवाई

पीड़िता के अनुसार, यह जमीन विवाद ADM भागलपुर के न्यायालय में वाद संख्या 337/2025-26 के तहत लंबित है। इसके बावजूद न तो कोर्ट के आदेश का इंतजार किया गया, न ही कानून का सम्मान, बल्कि पुलिस बल के सहारे भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

SSP से शिकायत के बाद भी दबंगई जारी

पीड़िता ने 2 फरवरी 2026 को भागलपुर SSP से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की थी।
SSP द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद,
सन्हौला थाना अध्यक्ष अचानक खुद मौके पर पहुंचे और जमीन पर जबरन कब्जा करवाने की कोशिश शुरू कर दी। इतना ही नहीं, जमीन पर जबरदस्ती पानी पटवन (सिंचाई) करवा कर कब्जे को स्थायी रूप देने की साजिश की गई।

महिला के साथ बदसलूकी, धमकी और दबाव

दस्तावेजों के अनुसार, पहले भी महिला को थाने बुलाकर घंटों बैठाया गया। ट्रैक्टर से जमीन जोतने का विरोध करने पर धमकाया गया। परिवार को जेल भेजने तक की धमकी दी गई। यह सब तब हो रहा है जब लोक शिकायत पोर्टल पर मामला दर्ज है। ADM कोर्ट में सुनवाई तय है। उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार मंत्री तक शिकायत पहुंच चुकी है।

उपमुख्यमंत्री के स्तर पर भी जांच, फिर भी मनमानी!

इस जमीन को लेकर पूर्व में उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार मंत्री से भी पीड़िता मिल चुकी है। जहां से जांच चल रही है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और थाना स्तर पर कानून को ताक पर रखकर कार्रवाई की जा रही है।

सुलगते सवाल

  • जब मामला न्यायालय में लंबित है, तो किस आदेश पर कब्जा कराया जा रहा है?
  • क्या पुलिस और अंचल कार्यालय भूमाफियाओं के लिए काम कर रहे हैं?
  • SSP के आदेश की खुलेआम अवहेलना की हिम्मत किसके संरक्षण में हो रही है?

पीड़िता की मांग

पीड़िता मीणा देवी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। दोषी CO, थाना अध्यक्ष और भूमाफियाओं पर FIR दर्ज हो। जमीन पर की जा रही सभी अवैध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगे।