न्यूज स्कैन ब्यूरो, किशनगंज
दिघलबैंक प्रखंड के मांगुरा पंचायत में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह होने वाला था, लेकिन चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की त्वरित कार्रवाई और प्रशासनिक हस्तक्षेप से यह विवाह समय रहते रोक दिया गया। बच्ची की उम्र मात्र 15 वर्ष है और वह स्थानीय मध्य विद्यालय टप्पू में कक्षा 7 की छात्रा है।
सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय
19 नवंबर 2025 को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर गोपनीय सूचना मिली कि मांगुरा पंचायत में 14-15 वर्ष की बच्ची की शादी 25 नवंबर को तय की गई है। सूचना मिलते ही हेल्पलाइन टीम हरकत में आ गई और तत्क्षण बाल विवाह निषेध पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) दिघलबैंक, थाना अध्यक्ष दिघलबैंक, बाल कल्याण समिति किशनगंज और जिला बाल संरक्षण इकाई को अवगत कराया।
20 नवंबर को गठित हुई संयुक्त टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक आलोक कुमार भारती के निर्देश पर 20 नवंबर को एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर अब्दुल कयूम, केस वर्कर कुंदन कुमार, थाना प्रभारी के प्रतिनिधि, पंचायत मुखिया प्रतिनिधि और प्रखंड विकास पदाधिकारी के प्रतिनिधि बप्पी ऋषि शामिल थे।
टेंट लगा था, खरीदारी हो चुकी थी—शादी बस होने ही वाली थी
टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया कि शादी की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। टेंट लग चुका था, सामग्रियों की खरीदारी हो चुकी थी और घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं। जांच में उम्र केवल 15 वर्ष पाई गई।
टीम ने समझाया, परिजनों ने मानी गलती
परिजनों के साथ बैठक कर टीम ने बाल विवाह के कानूनी पहलू, दुष्परिणाम और बच्ची के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। परिजनों ने स्वीकार किया कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं थी और वे अज्ञानता में यह निर्णय ले रहे थे।
परिजनों से लिखित शपथ-पत्र लिया गया कि बच्ची के 18 वर्ष पूरे होने तक उसका विवाह नहीं करेंगे। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार का बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
“बच गई एक मासूम की जिंदगी”—जिला बाल संरक्षण इकाई
सहायक निदेशक आलोक कुमार भारती ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि कानूनी अपराध भी है। उन्होंने कहा कि 1098 पर मिली सूचना और प्रशासन की तत्परता से बच्ची का भविष्य सुरक्षित हो सका। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बाल विवाह की कोई भी सूचना तुरंत 1098 पर दें।
हेल्पलाइन टीम का बयान
चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर अब्दुल कयूम ने बताया कि समय पर सूचना और त्वरित रेस्पॉन्स के कारण बच्ची को बाल विवाह से बचाया जा सका। अब बच्ची नियमित रूप से स्कूल जाएगी और अपने भविष्य का निर्माण कर सकेगी।
किशनगंज से बड़ी खबर: चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की तत्परता से नाबालिग का बाल विवाह टला, शादी की पूरी तैयारी थी पूरी

































