न्यूज स्कैन ब्यूरो। परबत्ता (खगड़िया)
परबत्ता प्रखंड के देवरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 4 की आवेदिका शहनाज को आवास प्रमाणपत्र प्राप्त करने में मनमानी का सामना करना पड़ा है। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उनके लिए आवास प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। इस कारण क्षेत्र में आवास प्रमाणपत्र बनवाने की होड़ मची हुई है, और कई जगहों पर अवैध उगाही व प्रमाणपत्र रद्द करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।शहनाज ने 10 अगस्त को आरटीपीएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया, जिसकी सेवा प्रदान करने की निर्धारित तिथि 25 अगस्त थी। बावजूद इसके, आवेदन को समय से पूर्व ही निरस्त कर दिया गया। अंचल कार्यालय के कर्मी ने दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए कारण दिया कि आधार कार्ड के दोनों पक्ष संलग्न नहीं हैं। वहीं, राजस्व अधिकारी ने फोटो पर स्व-अभिप्रमाणन नहीं होने का हवाला देते हुए आवेदन अस्वीकृत कर दिया।

हालांकि, जब शहनाज के ऑनलाइन आवेदन की जांच की गई, तो उसमें स्पष्ट रूप से आधार कार्ड के दोनों ओर की प्रतियां और स्व-अभिप्रमाणित फोटो अपलोड थीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आवेदन को बिना समुचित जांच के अस्वीकार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवास प्रमाणपत्र के नाम पर अवैध वसूली और मनमानी बढ़ गई है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि आम जनता को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषी कर्मियों पर कार्रवाई कर आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।इस पूरे मामले में राजस्व अधिकारी पुष्पकर ने बताया कि मुझे जानकारी नहीं है।अगर इस तरह से आवेदन अस्वीकृत किया जा रहा तो जांच की जायेगी।


























