न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए कि वे बिहार सरकार और जिला लोकपाल का फर्जी बोर्ड लगाकर लग्जरी गाड़ियों से शराब तस्करी करने लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी सारी चालें नाकाम हो गईं।
गुप्त सूचना पर दुर्गावती पुलिस और एंटी-लीकर टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई कर सावठ गांव में दो लग्जरी गाड़ियों को घेर लिया। काले रंग की स्कॉर्पियो और सफेद SUV में लोड शराब की खेप जब बरामद की गई तो पुलिस भी दंग रह गई। कुल 1146 लीटर ब्रांडेड शराब कार से निकली।
गिरफ्तार दोनों तस्करों की पहचान सुपौल जिले के करजाइन बाजार निवासी चंद्रमेव मेहता और पश्चिम चंपारण जिले के सिरसिया निवासी धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मोहनिया की ओर जा रहे थे।
थानाध्यक्ष गिरीश कुमार ने बताया – “दोनों गाड़ियों से 1146 लीटर शराब बरामद हुई है। गाड़ियों पर बिहार सरकार और जिला लोकपाल के बोर्ड भी लगे थे। आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।”
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि शराब माफिया सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर खुलेआम तस्करी कर रहे हैं। लेकिन पुलिस की तत्परता से आज बड़ी खेप पकड़ ली गई।
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर किस तरह फर्जी पहचान और सरकारी नाम का सहारा लेकर बिहार में नशे का धंधा चला रहे हैं।


























