- विधायक शुभानंद मुकेश ने ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और बजट भाषण से सरकार का ध्यान कराया आकृष्ट
न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र के विधायक शुभानंद मुकेश ने क्षेत्र की शिक्षा, किसानों, पर्यटन विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर जनसमस्याओं को सदन में मजबूती से उठाया। उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, याचिका, निवेदन और शून्यकाल के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए त्वरित समाधान की मांग की। इसके साथ ही विधायक ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट पर सरकार के पक्ष में सशक्त, तथ्यपरक और दूरदर्शी भाषण दिया।
गंगा के बीच स्थित पहाड़ियों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग
विधायक शुभानंद मुकेश ने नियम–104 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखते हुए कहा कि कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी के मध्य स्थित तीन पहाड़ियाँ प्राकृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन पहाड़ियों पर बंगाली बाबा और शांति बाबा जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल स्थित हैं, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बावजूद इसके, आवागमन और बुनियादी पर्यटन सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की अपार पर्यटन क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि गुवाहाटी के ब्रह्मपुत्र रोप-वे और ऋषिकेश-हरिद्वार के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर कहलगाँव क्षेत्र में रोप-वे और सस्पेंशन ब्रिज (लक्ष्मण झूला) का निर्माण कराया जाए। इससे न केवल बिहार को एक नया पर्यटन केंद्र मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और पर्यावरण–अनुकूल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा
याचिका के माध्यम से विधायक ने सन्हौला प्रखंड की भिरौंधा पंचायत में प्राथमिक विद्यालय भिरौंधा तक पक्की सड़क के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कच्चे रास्ते के कारण बच्चों को कीचड़, खेतों और बरसाती पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने शीघ्र पथ निर्माण की मांग की।
विद्यालय परिसर में पेयजल संकट पर सरकार का ध्यान
निवेदन के तहत विधायक ने सन्हौला प्रखंड के मध्य विद्यालय, सनोखर हाट परिसर में जर्जर और अनुपयोगी डीप बोरिंग का मामला उठाया। उन्होंने इसे सरकारी संसाधनों की तकनीकी लापरवाही का उदाहरण बताते हुए नई डीप बोरिंग और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की मांग की।
शून्यकाल में किसानों की समस्या उठाई
शून्यकाल के दौरान विधायक शुभानंद मुकेश ने धान खरीद से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि FRK की अनुपलब्धता और CMR जमा नहीं होने के कारण पैक्सों और किसानों पर गंभीर आर्थिक दबाव बन गया है। उन्होंने FRK की शीघ्र आपूर्ति, पैक्सों को राहत देने और धान खरीद की अवधि बढ़ाने की मांग की।
बजट 2026–27 को बताया विकास का दस्तावेज
बजट पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि ₹3.47 लाख करोड़ से अधिक का यह बजट 14 करोड़ बिहारवासियों की आकांक्षाओं का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट बिहार को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर विकसित राज्य की दिशा में ले जाने वाला है। शिक्षा, कृषि, सिंचाई, सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी, वहीं किसानों के सम्मान, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर न्याय के साथ विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है।
विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा कि वे सदन के भीतर और बाहर कहलगाँव की जनता की आवाज़ पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे और शिक्षा, पर्यटन, किसान एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार से ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
अंत में उन्होंने कहा—“यह बजट बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा करेगा। मैं इस बजट का पूर्ण हृदय से समर्थन करता हूँ।”


























