देवघर। श्रावणी मेले की अंतिम सोमवारी 4 अगस्त है। हालांकि पिछले तीनों सोमवारी से इसमें कम भीड़ होने की संभावना जताई जा रही है। फिर भी ढाई लाख से अधिक भक्तों के जलार्पण की संभावना है। जिसे लेकर प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां की गई है। एक दिन पहले ही डीसी-एसपी ने मेले में तैनात होने वाले दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों को ब्रीफ भी किया है।
अंतिम सोमवारी को लेकर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी अधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। उधर, सोमवारी पर जलार्पण करने के लिए रविवार रात से ही कांवरियों कतारबद्ध होने लगे थे। कांवरिया पथ से लेकर देवघर और संपूर्ण मेला क्षेत्र बोलबम के जयघोष से गुंजायमान हो रहा है। 9 अगस्त को पूर्णिमा के साथ सावन का समापन हो जाएगा।
क्यूआर कोड स्कैन कर समस्या बता रहे कांवरिये
डीसी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजकीय श्रावणी मेला, 2025 के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और उनकी आवश्यकता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की नगरी से एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। साथ ही मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप विभिन्न नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस कड़ी में मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा होने पर क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा सुनिश्चित की गई है। श्रावणी मेला के दौरान मेला क्षेत्र में असुविधा या कमी दिखने पर क्यू आर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं, जिसके पश्चात त्वरित समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही समस्या के मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम में एक विशेष सेल बनाया गया है, ताकि मॉनिटर पर समस्या दिखते ही उस पर तत्काल कार्य करते हुए समस्या का समाधान किया जा सके। इसके अलावा शौचालय, पानी, होल्डिंग प्वाइंट, प्रशासनिक शिविर और स्वास्थ्य शिविर में सुविधा नहीं मिल रही है। साफ-सफाई नहीं है या आप सुविधा से असंतुष्ट हैं अथवा कोई सुधार चाहते हैं या कांवरिया रूटलाइन या होल्डिंग प्वाइंट पर परेशानी है तो तत्काल उस जगह लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं।
इस सुविधा हेतु बारकोड स्कैन करते ही गूगल पेपर खुलेगा। उसमें शिकायत करने का ऑप्शन आएगा। शिकायत भरने के बाद जरूरत हो तो तस्वीर भी साझा कर दें। आपकी ओर से किया गया शिकायत और अपलोड किया गया फोटो कंट्रोल रूम के सिस्टम में डाउनलोड होते ही उस पर संबंधित विभाग को टैग कर उसके समाधान का निर्देश दे दिया जाएगा, जिसके पश्चात मेला में प्रतिनियुक्त टीम वहां पहुंच जाएगी। सिस्टम को इस तरह विकसित किया गया है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो जाना है, ताकि मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।


























