भागलपुर ज़िला सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के गठन पर जदयू का कड़ा विरोध: पटना में शीर्ष नेतृत्व को सौंपा ज्ञापन, कमेटी भंग कर नए गठन की मांग

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भागलपुर ज़िला सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष, सचिव सहित सात सदस्यों की हालिया नियुक्ति को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने तीखा ऐतराज जताया है। इसी क्रम में जदयू भागलपुर महानगर इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने पटना पहुंचकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों एवं दस्तावेज़ों के साथ एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, विधान पार्षद ललन सर्राफ तथा राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा से भेंट कर वर्तमान कमिटी को तत्काल भंग करने और नई, संतुलित एवं संगठननिष्ठ कमिटी के गठन की मांग की।

पार्टी नेतृत्व ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोष पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह ज्ञापन जदयू महानगर जिलाध्यक्ष संजय साह, महानगर के पूर्व अध्यक्ष सुड्डू साईं तथा वरिष्ठ नेता राकेश ओझा के संयुक्त नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल में शमीम रिज़वी, शाबान बदर खान, मुमताज आलम, फ़ज़ीर अंसारी, फ़रीद-उल-जमा सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं सक्रिय जदयू कार्यकर्ता शामिल थे।
इस अवसर पर जदयू के वरिष्ठ नेता राकेश ओझा ने बयान जारी करते हुए कहा कि भागलपुर ज़िला सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का मौजूदा गठन पूरी तरह नियमों, परंपराओं और सामाजिक संतुलन के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक़्फ़ जैसी पवित्र और जनहित से जुड़ी संस्था को कुछ सीमित लोगों के राजनीतिक स्वार्थ का साधन बना दिया गया है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जदयू और एनडीए के लिए वर्षों से निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करने वाले अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है, जबकि ऐसे व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जिनका न तो संगठन से कोई जुड़ाव है और न ही समाज में उनकी कोई स्वीकार्यता। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है, बल्कि समाज में भी गलत संदेश जाता है।
राकेश ओझा ने स्पष्ट किया कि जदयू का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है। पार्टी चाहती है कि वक़्फ़ बोर्ड का संचालन पारदर्शिता, निष्पक्षता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के आधार पर हो। उन्होंने विश्वास जताया कि जदयू का शीर्ष नेतृत्व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषपूर्ण कमिटी को भंग करेगा और नई, संतुलित तथा संगठननिष्ठ कमिटी का गठन कर भागलपुर की जनता एवं अल्पसंख्यक समाज के साथ न्याय करेगा।