- राज्यसभा नामांकन पर जदयू नेताओं की प्रतिक्रिया- नीतीश कुमार का फैसला बिहार और देश के हित में : राकेश ओझा
न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के निर्णय का जदयू नेताओं ने स्वागत करते हुए इसे बिहार और देश के हित में लिया गया दूरदर्शी फैसला बताया है।
जदयू नेता राकेश कुमार ओझा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह निर्णय उनका निजी और सम्मानजनक फैसला है और पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता उनके इस निर्णय के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए उन्हें जनादेश दिया था और इस जनादेश का सम्मान करते हुए एनडीए की ओर से जो भी नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा, उसे नीतीश कुमार के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

ओझा ने कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है और यही परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर अपने अनुभव से देश की राजनीति को नई दिशा देंगे और बिहार की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और उनका हर निर्णय पार्टी के हित में: विवेकानंद गुप्ता
वहीं जदयू के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और उनका हर निर्णय पार्टी तथा बिहार के हित में होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का राजनीतिक अनुभव, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता पूरे देश में सम्मान के साथ देखी जाती है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद से उनके जाने का कार्यकर्ताओं को दुख जरूर है, लेकिन उनके फैसलों का सम्मान करना ही पार्टी की परंपरा रही है।
नीतीश कुमार का अनुभव देश के उच्च सदन को नई दिशा देगा: शैलेन्द्र तोमर
जदयू के जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने महिलाओं के सशक्तिकरण, दलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ों के सम्मान तथा युवाओं के विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। उनके कार्यकाल में राज्य में भयमुक्त वातावरण स्थापित हुआ, जिससे आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्रित्व काल वास्तव में बेमिसाल रहा है और बिहार की जनता उन्हें हमेशा “विकास पुरुष” के रूप में याद रखेगी। राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का उनका निर्णय दूरदर्शी है और उनका अनुभव देश के उच्च सदन को भी नई दिशा देगा।
जदयू नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में बिहार में विकास और सुशासन की परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।


























