न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे लोगों को पार्टी की सदस्यता नहीं दी जाएगी, जिनका पार्टी की विचारधारा, आदर्शों और नेतृत्व के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जदयू का सदस्यता अभियान पूरे प्रदेश में तेज़ी से चल रहा है और सभी जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक करोड़ से अधिक सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया है।
हालांकि पत्र में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई है कि सदस्यता अभियान के दौरान कुछ ऐसे लोग भी पार्टी की सदस्यता लेने में सफल हो गए हैं, जिन्होंने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी और पार्टी उम्मीदवारों के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से विरोध किया था। इतना ही नहीं, इन लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मर्यादाहीन और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गई थीं।
प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि ऐसे लोगों का पार्टी की सदस्यता लेना न केवल पार्टी की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह पार्टी के संस्कारों और अनुशासन पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चिन्हित ऐसे सभी लोगों की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।
इसके साथ ही पार्टी के सभी जिला स्तरीय नेताओं, पदाधिकारियों और सदस्यता अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को पार्टी की सदस्यता देने से पहले उसके राजनीतिक आचरण, पृष्ठभूमि और पार्टी के प्रति निष्ठा की पूरी जानकारी अवश्य लें।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन मूल्यों, सिद्धांतों और अनुशासन के साथ खड़ा किया है, उन संस्कारों की रक्षा करना प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारी की जिम्मेदारी है।
इस पत्र को जदयू के आंतरिक अनुशासन को सख्त करने और संगठन को विचारधारात्मक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
जदयू में सदस्यता अभियान के दौरान अनुशासन पर सख्ती, विवादित लोगों की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द
































