सिमराही–पिपराही सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल/राघोपुर

जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एनएच-106 मवेशी हाट के समीप से नगर पंचायत सिमराही क्षेत्र के वार्ड 15 स्थित पिपराही तक जाने वाली सड़क के निर्माण में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीण कार्य विभाग, वीरपुर द्वारा कराए जा रहे इस सड़क निर्माण पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत बताई जा रही है। निर्माण कार्य ओम साईं कंपनी द्वारा कराया जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। स्टीमेट के अनुसार जहां चार इंच मोटाई में पीसीसी ढलाई होनी चाहिए, वहां मात्र ढाई से तीन इंच मोटाई में ही ढलाई कराई जा रही है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले 53 ग्रेड सीमेंट के बजाय 33 ग्रेड सीमेंट के उपयोग का भी आरोप लगाया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।बताया गया कि करीब दो किलोमीटर लंबी इस सड़क में लगभग 75 प्रतिशत भाग में पीसीसी ढलाई और शेष भाग में कालीकरण का कार्य प्रस्तावित है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा पहले से बनी पीसीसी सड़क के ऊपर ही नई पीसीसी ढलाई कराई जा रही है, जो तकनीकी मानकों के विपरीत है।बुधवार को जब स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर संवेदक के मुंशी से शिकायत की तो उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने मीडिया को सूचना दी। मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में पीसीसी ढलाई की मापी कराई गई, जिसमें हर स्थान पर ढाई से तीन इंच मोटाई ही पाई गई।ग्रामीणों के विरोध के बाद संवेदक के मुंशी मनोज कुमार द्वारा बुधवार को किए गए पीसीसी कार्य के ऊपर एक से डेढ़ इंच अतिरिक्त सामग्री डालकर चार इंच मोटाई दर्शाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी मवेशी हाट के पास इसी तरह तीन इंच मोटाई में ढलाई की गई थी, जिस पर विरोध होने के बाद ऊपर से एक इंच सामग्री डाल दी गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते तीन दिनों से स्थानीय लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, इसी दौरान संवेदक ने सड़क के आधे से अधिक हिस्से का निर्माण मात्र तीन इंच मोटाई में ही पूरा कर लिया। इससे क्षेत्र में नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।
इस संबंध में कार्यपालक अभियंता, वीरपुर सुमन कुमार ने बताया कि संवेदक को चार इंच मोटाई में ही पीसीसी ढलाई करानी है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो कार्य की जांच कर दोषी संवेदक से जुर्माना वसूला जाएगा तथा दोषपूर्ण सड़क को तुड़वाकर पुनः निर्माण कराया जाएगा।ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी संवेदक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।