स्लीपर बसों की सघन जांच और सुरक्षा मानकों के पालन के लिए की गई कार्रवाई

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

बिहार सरकार, परिवहन विभाग द्वारा स्लीपर बसों के निर्माण एवं संचालन से संबंधित निर्धारित सुरक्षा मानकों (CMVR-1989, AIS-052 एवं AIS-119) के कठोर अनुपालन हेतु जारी निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले में संचालित सभी स्लीपर बसों की सघन जांच अभियान चलाया गया।यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली द्वारा राजस्थान में हुई स्लीपर बस दुर्घटना के उपरांत की गई जांच एवं उसकी अनुशंसाओं के आधार पर राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों के क्रम में की गई है। जांच के दौरान यह विशेष रूप से देखा गया कि स्लीपर बसों में बॉडी निर्माण, गैंगवे, सीटों की संख्या एवं उनके बीच की दूरी, आपातकालीन निकास द्वार, फायर एक्सटिंग्विशर, प्रेशर हॉर्न, रिफ्लेक्टिव टेप, VLTD, SLD आदि सुरक्षा उपकरण केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 तथा AIS-052 एवं AIS-119 में निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
जिला परिवहन पदाधिकारी के निर्देश पर मोटरयान निरीक्षकों की टीम द्वारा जिले में संचालित स्लीपर बसों की गहन भौतिक जांच की गई। जांच के दौरान कई बसों में आवश्यक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए गए, जैसे कि आपातकालीन द्वार का अभाव, फायर फाइटिंग उपकरण की अनुपलब्धता, निर्धारित गैंगवे एवं सीट व्यवस्था में कमी, रिफ्लेक्टिव टेप एवं अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति के आलोक में ऐसी बसों को तत्काल सुधारात्मक निर्देश जारी किए गए तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं नियमों के तहत नियमानुसार अर्थदंड भी अधिरोपित किया गया। इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों से निर्धारित दर पर जुर्माना वसूला गया तथा संबंधित बस मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बिना निर्धारित सुरक्षा मानकों के बसों का संचालन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ संजीव सज्जन ने बताया कि स्लीपर बसों में थोड़ी-सी लापरवाही भी यात्रियों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बस मालिकों एवं ऑपरेटरों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों का निर्माण, फिटनेस एवं संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें और किसी भी प्रकार के अनधिकृत बॉडी निर्माण या अवैध परिवर्तन से बचें।
उन्होंने आम जनमानस से भी अपील किया है कि स्लीपर या अन्य बसों में यात्रा करते समय वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें। यदि किसी बस में आपातकालीन दरवाजा, फायर एक्सटिंग्विशर, सीट बेल्ट, रिफ्लेक्टिव टेप अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था अनुपस्थित हो तो उसकी सूचना जिला परिवहन कार्यालय या नजदीकी परिवहन पदाधिकारी को दें।जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा आगे भी इस प्रकार के सघन जांच अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि सड़क पर चलने वाला प्रत्येक यात्री सुरक्षित यात्रा कर सके और किसी भी तरह की लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।