न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से कुनौली थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण कोर्डिनेशन कमिटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में भारत की सीमा सुरक्षा बल एसएसबी, नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) एवं नेपाल पुलिस के वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में बढ़ती शराब की अवैध तस्करी, नशीली दवाओं के कारोबार, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, तथा इससे जुड़े अन्य आपराधिक गतिविधियों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने माना कि सीमावर्ती इलाकों में नशे का अवैध नेटवर्क सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचा रहा है, जिस पर तत्काल और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
शराबबंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में बिहार में लागू शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू कराने को लेकर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि सीमा पर संयुक्त गश्ती, वाहन जांच, पैदल पेट्रोलिंग, तथा संवेदनशील इलाकों की पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। शराब तस्करों पर कड़ी नजर रखने और उनके नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए दोनों देशों की एजेंसियां आपसी तालमेल से कार्रवाई करेंगी।
नशीली दवाओं के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नशीली दवाओं के अवैध व्यापार को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सभी एजेंसियों ने ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर सहमति जताई। सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संयुक्त छापेमारी को और तेज करने का निर्णय लिया गया।
सूचना साझा करने और समन्वय को मिलेगी मजबूती
बैठक में यह भी तय किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अपराधी मूवमेंट या तस्करी की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही भविष्य में इस तरह की नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों ने कहा कि भारत–नेपाल सीमा ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई है, ऐसे में दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि सीमा क्षेत्र को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जाए। आम नागरिकों की सुरक्षा, युवाओं को नशे से बचाना और कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बैठक के समापन पर सभी सुरक्षा एजेंसियों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लेते हुए कहा कि शराब और नशीली दवाओं के खिलाफ यह साझा लड़ाई लगातार जारी रहेगी।































