न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, कहलगांव (भागलपुर)
सिंचाई कॉलोनी, कहलगांव में गृहविहीन परिवारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गौतम कुमार ने की, जबकि संचालन वार्ड पार्षद एवं जल श्रमिक संघ के नेता योगेंद्र सहनी ने किया। बैठक का मुख्य मुद्दा कॉलोनी में बसे पर्चाधारी एवं भूमिहीन परिवारों को स्थायी आवास दिलाने का रहा।
बैठक में स्थानीय मछुआ सुखदेव सहनी ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक सप्ताह के भीतर कॉलोनी की जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया है, जिससे इस कड़ाके की ठंड में करीब सौ परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
फूलमणि देवी ने कहा कि वर्ष 1995 में ही 65 परिवारों को पर्चा दिया गया था, लेकिन अब तक सरकार उन्हें दखलदहानी नहीं दिला सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर सिंचाई विभाग जमीन खाली कराने का नोटिस दे रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सिंचाई कॉलोनी में पर्चाधारी और भूमिहीन मिलाकर लगभग सौ परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। बिहार सरकार के अतिक्रमण हटाने के सख्त रुख के बीच ठंड के मौसम में इस तरह का नोटिस अमानवीय है।
गृहविहीनों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार का दायित्व सरकारी जमीन खाली कराना है, तो उतनी ही जिम्मेदारी भूमिहीनों को बसाने की भी है।
भागलपुर से आए उदय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मछुआ आवास योजना सहित कई सरकारी योजनाएं आवासहीनता दूर करने के लिए चलाई जा रही हैं, ऐसे में सभी प्रभावित परिवारों को आवास देना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
झुग्गी-झोपड़ी संघर्ष समिति के नेता अनिरुद्ध ने कहा कि “सारी जमीन प्रकृति की है, सरकार के अलग-अलग विभाग अपने हिसाब से जमीन अधिग्रहित करते हैं और बाद में उसे सरकारी जमीन बताकर लोगों को बेदखल करने की कोशिश करते हैं।”
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक सभी परिवारों को स्थायी आवास नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सिंचाई विभाग से आग्रह किया जाएगा कि वैकल्पिक स्थायी आवास मिलने तक सभी परिवारों को यहीं रहने दिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में जब सिंचाई विभाग को यहां निर्माण कार्य करना होगा, तब लोग स्वयं स्थान खाली कर देंगे।
आंदोलन के अगले चरण में 30 दिसंबर को अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना, सर्वदलीय बैठक और आवश्यकता पड़ने पर जेल भरो आंदोलन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

































