न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
स्थानीय कला केंद्र में मछुआ आजीविका अधिकार प्रांतीय शिविर आयोजन समिति के कोर ग्रुप की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उदय ने की, जबकि संचालन एक्शन एड के एचआरडी गौतम कुमार ने किया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक्शन एड द्वारा आयोजित प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में जल श्रमिक संघ एवं बिहार प्रदेश जल श्रमिक संघ की अहम भूमिका रही। इस प्रशिक्षण शिविर में भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर, सारण, मुजफ्फरपुर, पटना, बांका सहित कुल आठ जिलों से लगभग 40 मछुआ प्रतिनिधियों की भागीदारी को कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
एक्शन एड पटना से आईं डॉ. शरद कुमारी ने पीओएस (POS) पर अपने विचार रखने के साथ-साथ वैकल्पिक बिल एवं कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वक्ताओं ने यह भी स्वीकार किया कि प्रशिक्षण के दौरान भाषण अधिक हुए, जो एक कमी रही। भविष्य में सहभागितापूर्ण प्रक्रिया को अधिक बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में यह भी कहा गया कि प्रांतीय एवं जिला स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तो तय कर ली गई है, लेकिन उन्हें व्यवहारिक रूप में लागू करने के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार करनी होगी। इसके अलावा व्यवस्था संबंधी कुछ दिक्कतें सामने आईं, जिन्हें भविष्य में ध्यान में रखने का सुझाव दिया गया। वहीं, डॉल्फिन सेंचुरी पर एक अलग सत्र न होना भी कार्यक्रम की एक कमी के रूप में चिन्हित किया गया।
बैठक के अंत में डॉ. योगेंद्र, डॉ. शरद कुमारी, डॉ. मनोज कुमार, उदय, रामशरण, अनिरुद्ध एवं राहुल के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। समीक्षा बैठक में उज्ज्वल घोष, उदय, गौतम कुमार, अनिक महलदार, संजय कुमार, स्मिता कुमारी, मृदुला सिंह, मनोज कुमार, दीपक मंडल एवं आलोक राज ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
मछुआ आजीविका अधिकार प्रांतीय शिविर की समीक्षा बैठक आयोजित, आठ जिलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता को बताया गया बड़ी उपलब्धि

































