न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जब बाँसुरी वादन विषय पर पहली बार पीएचडी की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शोधार्थी बृजेश छाया ने बाँसुरी पर अपने गहन और मौलिक शोध कार्य का सफलतापूर्वक प्रतिपादन किया।
इस महत्वपूर्ण शोध कार्य का मार्गदर्शन संगीत विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. डॉ. किरण सिंह ने किया। पीएचडी की संपूर्ण प्रक्रिया डॉ. अंजू कुमारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बाह्य परीक्षक के रूप में पूर्व कुलपति, मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय, ग्वालियर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. मानसिंह तोमर उपस्थित रहे। उन्होंने शोध कार्य की सराहना करते हुए इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत, विशेषकर बाँसुरी वादन के अकादमिक अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
संगीत विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि बाँसुरी जैसे शास्त्रीय वाद्य यंत्र पर पीएचडी का होना न केवल शोध की नई दिशा खोलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के संगीत विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगा। इस अवसर पर विभाग में हर्ष और उत्साह का माहौल रहा तथा सभी ने शोधार्थी बृजेश छाया और उनके मार्गदर्शक को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ दीं।


































