वीरपुर में अभियंता दिवस पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने विश्वेश्वरैया को किया याद

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल / वीरपुर

अभियंता दिवस के अवसर पर वीरपुर स्थित कोशिकी भवन में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न से सम्मानित मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ अभियंता एवं अन्य कर्मी मौजूद रहे। मुख्य अभियंता ई. संजीव शैलेश ने दीप-प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।मौके पर मुख्य अतिथि ई.महेश प्रसाद ठाकुर, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर संजय कुमार, सेवानिवृत्ति अधीक्षण अभियंता इंजीनियर विष्णु कांत पाठक, बी के राय आदि ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के विकास में विश्वेश्वरैया की सोच और कार्यशैली का विशेष महत्व रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अभियंताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे एक सामान्य परिवार से निकलकर विश्वेश्वरैया ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई। मैसूर राज्य में सिंचाई और जल प्रबंधन से लेकर आधुनिक इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है।
वरिष्ठ अभियंताओं ने बताया कि अभियंता दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह दिन हमें हमारी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की याद भी दिलाता है। जल संसाधन विभाग के संदर्भ में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था सीधे तौर पर किसानों और आम जनता के जीवन से जुड़ी है। अभियंताओं ने संकल्प लिया कि वे विभागीय परियोजनाओं को अधिक पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज जब देश जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब अभियंताओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विश्वेश्वरैया ने अपने कार्यकाल में जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग का जो संदेश दिया, वही आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
कनिष्ठ अभियंताओं ने इस मौके पर अपनी जिम्मेदारी को समझने और तकनीकी कौशल को और अधिक निखारने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि अभियंता दिवस उनके लिए प्रेरणा का दिन है, जब वे विश्वेश्वरैया की जीवन गाथा से सीख लेकर आगे बढ़ते हैं।