शराब से मौत! हत्या का षड्यंत्र बेनकाब: भाइयों ने नहर में फेंका शव, पांच निर्दोषों पर दर्ज कराया झूठा केस

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर

कैमूर (भभुआ) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने गाँव के पाँच लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन पुलिस अनुसंधान में मामला पूरी तरह उलट निकला। जाँच के बाद खुलासा हुआ कि युवक की मौत अत्यधिक शराब सेवन के कारण हुई थी और शव को छिपाने के लिए उसके ही दो भाइयों ने नहर में फेंक दिया था।
शराब के नशे में मौत, फिर रची गई साजिश
मामला बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवो गाँव का है। 10 जनवरी 2026 को सुधाकर नारायण तिवारी का शव गाँव के पास नहर से बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक के पिता नाचकु तिवारी ने गाँव के पाँच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया, जिनसे उनकी पुरानी रंजिश बताई जा रही थी।

एफएसएल और सीसीटीवी से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भभुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। एफएसएल टीम की जाँच और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। अनुसंधान में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सुधाकर नारायण तिवारी ने अत्यधिक शराब पी रखी थी और गाँव में हंगामा कर रहा था। स्थिति बिगड़ने पर उसके भाइयों ने उसे कमरे में बंद कर दिया। उसी दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने साजिश रचते हुए रात के अंधेरे में स्कूटी से शव को गाँव के पास नहर में फेंक दिया, ताकि मामला हत्या का प्रतीत हो।

दो भाई गिरफ्तार, भेजे गए जेल

जाँच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने मृतक के दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कर निर्दोष लोगों को फँसाने की साजिश रचने के आरोप में दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
क्या बोले कैमूर एसपी
कैमूर के पुलिस अधीक्षक हरि मोहन शुक्ला ने बताया कि मृतक की मौत अत्यधिक शराब सेवन और कमरे में बंद रहने के कारण हुई। परिजनों ने जानबूझकर शव को नहर में फेंककर हत्या का रूप देने की कोशिश की और गाँव के पाँच लोगों पर झूठा आरोप लगाया।
एसपी ने जिलावासियों से अपील की है कि किसी भी घटना में झूठा मामला दर्ज कर निर्दोष लोगों को न फँसाएँ। पुलिस पर विश्वास रखें और सच्चाई बताएं। अन्यथा जाँच के बाद झूठी सूचना देने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।