न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय के डीन ऐकडेमिक एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. चन्दन कुमार ने देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF-2025) में भाग लेकर संस्थान एवं क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। यह विशाल विज्ञान महोत्सव 6 से 9 दिसंबर 2025 तक पंचकूला, चंडीगढ़ में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने किया।
IISF-2025 के अंतर्गत आयोजित यंग साइंटिस्ट कॉन्फ्रेंस में डॉ. चन्दन कुमार ने अपने शोध कार्य हैंडहेल्ड सेंसर डिवाइस की प्रस्तुति दी, जिसे वैज्ञानिक समुदाय द्वारा अत्यंत सराहा गया। उनका यह शोध कार्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोगी, किफायती और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बताया गया। प्रस्तुति के दौरान देशभर से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों, उद्योग विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों ने डॉ. कुमार से विस्तृत चर्चा की और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
सम्मेलन के दौरान डॉ. कुमार ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई तथा विद्यालयों से आए छात्रों से संवाद स्थापित कर उन्हें विज्ञान, नवाचार और शोध की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को उपलब्ध वैज्ञानिक संसाधनों का उपयोग कर नई तकनीकों के विकास हेतु प्रोत्साहित किया।
सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्रा ने डॉ. चन्दन कुमार की इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि “IISF-2025 में सहभागिता एवं शोध प्रस्तुति हमारे संस्थान के लिए गौरव की बात है। ऐसे प्रयास न केवल कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करते हैं, बल्कि छात्रों में शोध संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं।”
डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि संस्थान सदैव अपने प्राध्यापकों एवं शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता रहा है, और डॉ. कुमार की यह उपलब्धि अन्य प्राध्यापकों एवं छात्रों के लिए प्रेरणादायक है।
संस्थान के मीडिया प्रभारी कमर तबरेज ने बताया कि IISF-2025 में सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का यह प्रतिनिधित्व न केवल संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है, बल्कि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।



























