न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
जिलाधिकारी सावन कुमार ने गुरुवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास, निर्मली का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्रावास के सभी कमरों, कार्यालय, स्टोर रूम, रसोई, भोजन व्यवस्था और छात्रों की उपस्थिति का बारीकी से जायजा लिया,जिलाधिकारी ने कक्षाओं में उपस्थित छात्राओं से गणित, हिंदी और अंग्रेज़ी विषय से सवाल पूछे तथा पुस्तकों से पाठ पढ़ने को कहा। कई छात्राओं ने सही उत्तर दिए, जबकि कुछ हिंदी मात्राओं को सटीक रूप से नहीं पढ़ सकीं। डीएम ने शिक्षिकाओं को बच्चों को बोलकर पढ़ाने और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारी को बताया गया कि इस केंद्र के छात्रावास से पढ़कर कई छात्राएं नर्स, शिक्षिका तथा पुलिस विभाग में (एसआई) के पद पर कार्यरत हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण में यह पाया गया कि यहाँ दो छात्राएं ऐसी हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं। डीएम ने इनके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभ दिलाने हेतु डीपीओ एसएसए को निर्देशित किया।रसोईघर, स्टोर, पेयजल मशीन व अन्य उपकरणों की जांच के दौरान कई खामियाँ पाई गईं। पेयजल मशीन खराब मिली, जिस पर डीएम ने नाराज़गी जताते हुए इसे दो दिनों में ठीक कर फोटो उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वार्डन और संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा।बिजली के वैकल्पिक प्रबंध के बारे में पूछे जाने पर कर्मियों ने डीएम को इन्वर्टर और दो बैटरियों की व्यवस्था की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बैटरी और इन्वर्टर की स्थिति का भी निरीक्षण किया।डीएम ने बच्चों की उपस्थिति एवं भोजन-पाठन व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी केंद्रों की अद्यतन जानकारी ली और निर्देश दिया कि जल्द ही अन्य कस्तूरबा छात्रावासों, विशेषकर सुपौल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया जाएगा।
































