न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
जिले के कुदरा प्रखंड स्थित बी०आर०जी०एफ० (BRGF) भवन में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।
इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, कैमूर, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी (मोहनियां), विशेष कार्य पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ, बीपीआरओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग (मोहनियां) के कार्यपालक एवं सहायक अभियंता, कुदरा प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य तथा सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की कई अहम समस्याओं को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा। प्रमुख मांगों में कुदरा–भभुआ मोड़ पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण की आवश्यकता, धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में तेजी, जन्म प्रमाण पत्र बनाने में हो रही देरी और मनरेगा भुगतान से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन शामिल रहा। इसके अलावा जल-जमाव की समस्या, खराब सड़कों की मरम्मत, नल-जल योजना में अनियमितता तथा नगर क्षेत्र में व्यवस्थित बस स्टैंड और टेम्पो पड़ाव के अभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
जनप्रतिनिधियों द्वारा सकरी डैम पर पार्क निर्माण का सुझाव भी दिया गया, जिसे जिला पदाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल डैम का निरीक्षण किया और स्थल का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में संभावनाओं का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने का संकेत दिया।
बैठक में डेरवा पंचायत के हाई स्कूल तक पहुंच पथ निर्माण को लेकर पीओ मनरेगा को तत्काल स्थल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। वहीं नेवरास पंचायत के विभिन्न टोलों में पेयजल संकट को देखते हुए जेई पीएचईडी को आवश्यक कार्रवाई करने तथा केवड़ी गांव में जल-जमाव की समस्या के समाधान के लिए सोख्ता निर्माण हेतु मनरेगा अधिकारी को निर्देशित किया गया।
नगर क्षेत्र में बस एवं टेम्पो स्टैंड की समस्या को लेकर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता (नगर पंचायत) और अंचलाधिकारी (सीओ) को आपसी समन्वय स्थापित कर जमीन चिह्नित करने और शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने एक अनूठी और सराहनीय पहल करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से “बुक डोनेशन ड्राइव” चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार और भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सहयोग से पुस्तकालयों को समृद्ध करना अत्यंत आवश्यक है।
अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम जनता तक पहुंच सके।
































