न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार लेबर कोड सहित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को स्थानीय कजवलीचक स्थित सेवा कार्यालय में मजदूर संगठनों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन को मुख्य रूप से ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार, इंटक के जिला अध्यक्ष ई. रवि कुमार, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा तथा सेवा की संगठक पूनम केशरी ने संबोधित किया।
नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि मजदूरों को कानूनी सुरक्षा और अधिकार देने वाले अब तक के 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए चार लेबर कोड मजदूरों को पूरी तरह मालिकों के अधीन कर देंगे। इससे श्रमिकों को सौ-डेढ़ सौ साल पुरानी शोषणकारी व्यवस्था में धकेल दिया जाएगा और मजदूरों के बड़े हिस्से को श्रमिक की परिभाषा से ही बाहर कर दिया जाएगा, जिससे उनका अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये श्रम कानून ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारतीय जनता के लंबे संघर्ष और कुर्बानियों से प्राप्त हुए थे। ऐसे में इन कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड संविधान पर सीधा हमला हैं और संविधान को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं। ट्रेड यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि ये कोड बड़े औद्योगिक घरानों के हित में, “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के नाम पर लाए गए हैं, ताकि कॉरपोरेट मुनाफा बढ़ाया जा सके।
संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा गया कि सरकार द्वारा पेश की गई श्रम शक्ति नीति 2025 श्रम को अधिकार के बजाय “धर्म” के रूप में परिभाषित करती है, जो श्रमिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा है। नेताओं ने बताया कि 21 नवंबर 2025 को अधिसूचना जारी करने के बाद सरकार इन लेबर कोड्स को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी कर रही है और इसके पक्ष में भ्रम फैलाने वाला प्रचार किया जा रहा है।
नेताओं ने सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी गई, जबकि हालिया अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया गया, जो किसानों के साथ धोखा है। साथ ही मनरेगा को कमजोर कर नए कानून लाने से ग्रामीण मजदूरों को सस्ते श्रम में बदलने की साजिश की जा रही है, जिससे पलायन और बेरोजगारी और बढ़ेगी।
इन नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है, जिसे संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन भी प्राप्त है। नेताओं ने कहा कि समय आ गया है कि मजदूर वर्ग अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष करे।
संवाददाता सम्मेलन में सिकंदर तांती, संजय कुमार राय, मनोहर मंडल, बेबी देवी, मनोहर शर्मा सहित कई मजदूर नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लेबर कोड मजदूरों की कानूनी सुरक्षा खत्म कर देंगे : ट्रेड यूनियन, अस्तित्व की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई में सड़कों पर उतरने का आह्वान


























