इंजीनियरिंग कॉलेज में जिला स्तरीय विज्ञान मेला का हुआ आयोजन

  • वैश्विक युग में विज्ञान प्रौद्योगिकी नवाचार ही प्रगति की वास्तविक शक्ति – एसडीएम

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सेमिनार हॉल में मंगलवार को जिला स्तरीय विज्ञान मेला 2025 (इनोवेशन ट्रैक) का सफल और प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीएम इंद्रवीर कुमार के द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक युग में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार ही प्रगति की वास्तविक शक्ति हैं, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्रों में शोध, जिज्ञासा एवं नवोन्मेषी सोच को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा किए जा रहे इस सार्थक प्रयास की सराहना की।
विज्ञान मेला के संयोजक एवं डीन अकादमिक डॉ. चन्दन कुमार ने बताया कि इस मेले में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं विज्ञान के विविध क्षेत्रों में अपने गुणवत्तापूर्ण और अभिनव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जिला कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि इस मेले का उद्देश्य युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता की दिशा में प्रेरित करना है।
सह–संयोजक नंदन कुमार राजू ने कहा कि प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल और प्रोटोटाइप वर्तमान समय की चुनौतियों से जुड़े वास्तविक समाधान प्रस्तुत करते हैं, जो छात्रों की नवाचार क्षमता और तकनीकी समझ को प्रदर्शित करते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्रा ने कहा कि ऐसा आयोजन न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें नवीनतम तकनीकी रुझानों और वैज्ञानिक अनुसंधान की ओर उन्मुख करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में कई विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें गोपाल कृष्ण डॉ. राजा गांधी रवि रंजन तथा डॉ. चंद्रशेखर कुमार प्रमुख रूप से शामिल थे। साथ ही जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
इस विज्ञान मेले में भौतिकी, रसायन विज्ञान, अभियांत्रिकी, पर्यावरण विज्ञान, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), संरचनात्मक डिज़ाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदि विषयों पर आधारित विविध मॉडल, प्रोटोटाइप और वैज्ञानिक प्रदर्शन शामिल थे। छात्रों ने 5–10 मिनट की प्रस्तुति देते हुए अपने प्रोजेक्ट की अवधारणा, उद्देश्य, प्रक्रिया एवं परिणामों को विस्तार से समझाया। मेले में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।
इस विज्ञान मेला का आयोजन सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, जिला प्रशासन सुपौल, तथा जिला कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के संयुक्त प्रयास से किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
अंत में संयोजक डॉ. चन्दन कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला नवाचार की दिशा में छात्रों को प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में इस प्रकार के और भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी मोहम्मद क़मर तबरेज़ ने कहा कि सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित यह विज्ञान मेला एक अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन है, जो जिले के विद्यार्थियों को नवाचार के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है।