बिहार बजट 2026-27: ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप या चुनावी वादों की जमीन? जानें आपकी जेब और जीवन पर क्या होगा असर

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार सरकार ने चुनाव के बाद अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। 3.47 लाख करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट को ‘5 संकल्प, 1 लक्ष्य’ के नारे के साथ पेश किया गया है। बजट का मुख्य केंद्र ‘सात निश्चय-3’ के वादों को जमीन पर उतारना और बिहार को 2047 तक एक विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा करना है।
आम आदमी के लिए बजट की 5 बड़ी बातें
सरकार ने बजट को ‘ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और समाधान’ के पांच स्तंभों पर टिकाया है:
ज्ञान: शिक्षा और कौशल विकास पर जोर, ताकि युवाओं को रोजगार के काबिल बनाया जा सके।
ईमान: सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का वादा।
विज्ञान: खेती और उद्योगों में नई तकनीक का समावेश।
अरमान: हर बिहारी की आकांक्षाओं, जैसे बेहतर घर और बिजली को पूरा करना।
समाधान: जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण और इन्फ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं को सुलझाना।

क्या मिला युवाओं और किसानों को?
बंपर बजट: यह बिहार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट (3.47 लाख करोड़) है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10\% ज्यादा है।
शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च: कुल बजट का 22.20\% हिस्सा केवल शिक्षा, खेल और युवा कार्य विभाग पर खर्च किया जाएगा।
रोजगार का विजन: स्वरोजगार के लिए युवाओं को बिना ब्याज या कम ब्याज पर लोन और स्किल सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव है।
किसानों को सौगात: कृषि क्षेत्र के लिए ‘चौथा कृषि रोडमैप’ प्रभावी रहेगा। ₹6000 प्रति एकड़ की दर से 73 लाख किसानों को इनपुट सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।
सेहत और बुनियादी ढांचा (Infrastructure)स्वास्थ्य: मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के विस्तार के लिए 31,292 करोड़ रुपये का आवंटन।
कनेक्टिविटी: ‘बिहार एक्सप्रेस-वे’ और औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के निर्माण में तेजी लाई जाएगी ताकि राज्य में निवेश बढ़ सके।
महिला सशक्तिकरण: महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड और सुरक्षा योजनाओं पर जोर दिया गया है।

क्या यह हकीकत बनेगा?
जहाँ सरकार इसे ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप बता रही है, वहीं जानकारों का मानना है कि इसकी सफलता ‘सुपरविजन’ और ‘नौकरशाही’ के रवैये पर निर्भर करेगी।
चुनौती क्या है ये भी समझना होगा। बजट में आवंटन तो बड़ा है, लेकिन क्या नौकरशाही इसे समय पर धरातल पर उतार पाएगी?
बजट में निवेश आकर्षित करने के बड़े दावे हैं, लेकिन नए उद्योगों की स्थापना और पलायन रोकने के लिए ठोस ‘इमीडिएट एक्शन प्लान’ की कमी कुछ विशेषज्ञों को खल रही है।