पूर्णिया एयरपोर्ट: फाइलों में कैद ‘फोरलेन’ का सपना, RTI में खुलासा- मुख्यालय में अटका है सड़क का एस्टीमेट

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
पूर्णिया एयरपोर्ट से उड़ान का सपना देख रहे सीमांचल के लोगों के लिए एक कड़वी हकीकत सामने आई है। जिस सिविल एन्क्लेव को NH-31 से फोरलेन सड़क के जरिए जोड़ा जाना था, वह परियोजना फिलहाल सरकारी फाइलों और ‘रेड-टेपिज्म’ (लालफीताशाही) की भेंट चढ़ी हुई है। क्या सिर्फ हवाई पट्टी बन जाने से पूर्णिया को उसका हक मिल जाएगा? बिना सुगम सड़क मार्ग के एयरपोर्ट एक द्वीप की तरह होगा। सरकार को चाहिए कि वह ‘प्रक्रियाधीन है’ जैसे घिसे-पिटे जवाबों के बजाय, निर्माण कार्य पूरा करने की एक ‘डेडलाइन’ सार्वजनिक करे।

आरटीआई (RTI) से मिले जवाब और सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा मुख्य सचिव को लिखे पत्र ने बिहार सरकार के दावों और धरातल की सुस्त रफ्तार की पोल खोल दी है।

MOU के 30 महीने बाद भी ‘अता-पता’ नहीं
हैरानी की बात यह है कि बिहार सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच 5 जून 2023 को ही मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए थे। लेकिन ढाई साल से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद, NH-31 से फोरलेन कनेक्टिविटी का काम जमीन पर शुरू होना तो दूर, अब तक एप्रूवल के चक्रव्यूह में फंसा है।

RTI से खुला ‘एस्टीमेट’ का राज
सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने जब पथ प्रमंडल से जवाब मांगा, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। कार्यपालक अभियंता के अनुसार:
दुर्गा चौक (NH-107 बायपास) से पूर्णिया एयरपोर्ट तक की सड़क का एस्टीमेट तैयार कर पथ निर्माण विभाग के मुख्यालय को भेज दिया गया है।
अब पूरी गेंद ‘सक्षम प्राधिकार’ (Competent Authority) के पाले में है। जब तक वहां से हरी झंडी नहीं मिलती, काम शुरू नहीं होगा।

सवाल समय सीमा का : कब तक भटकेंगे यात्री?
पत्र में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से तीखे सवाल पूछे गए हैं। सवाल यह है कि अगर एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है, तो उसे मंजूरी मिलने में कितने महीने या साल लगेंगे? उपेक्षा का आलम यह है कि कनेक्टिविटी के अभाव में पूर्णिया एयरपोर्ट का भविष्य ही अधर में नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि, “एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का अता-पता न होना हवाई यात्रियों के लिए पीड़ादायक है। यह उपेक्षा का श्रेष्ठ उदाहरण है।”

हरदा पुल का पेंच: योजना या सिर्फ चर्चा?
अखबारों में यह खबर भी सुर्खियों में है कि इस फोरलेन सड़क का विस्तार हरदा पुल तक किया जाएगा। यह एक स्वागत योग्य कदम हो सकता है, लेकिन बिना किसी आधिकारिक घोषणा और तय समय-सीमा (Deadline) के, यह भी केवल एक चुनावी या प्रशासनिक जुमला बनकर रह सकता है।