न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल/ राघोपुर
नगर पंचायत सिमराही स्थित शांतिनगर में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के सातवें दिन संत श्री मुरलीधर जी महाराज ने राम कथा का वाचन किया। इस दौरान उन्होंने केवट प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया।महाराज श्री मुरलीधर जी ने कथा के दौरान माता सीता की विदाई का प्रसंग सुनाया। इसके बाद, उन्होंने भगवान राम के अयोध्या लौटने और फिर वनवास मिलने की घटना का वर्णन किया, जिसमें राम, लक्ष्मण और सीता माता वन में चले गए।केवट प्रसंग को सुनाते हुए संत श्री मुरलीधर जी महाराज ने कहा कि ‘कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़ते हैं’। उन्होंने बताया कि जब प्रभु श्री राम को गंगा पार करने के लिए केवट से नाव मांगनी पड़ी, तो केवट ने पहले नाव देने से मना कर दिया।केवट ने प्रभु से कहा कि वह उनका मर्म जानता है और तभी गंगा पार कराएगा जब उन्हें चरण पखारने की अनुमति मिलेगी। इस पर प्रभु श्री राम ने केवट को अपने चरण पखारने की अनुमति दी। इसके बाद, भगवान केवट की नाव में बैठकर गंगा पार गए।इस अवसर पर महाराज जी द्वारा गाए गए भजन ‘मेरी नैया में सीता राम गंगा मैया धीरे बहो…’ ने भक्तों को आकर्षित किया। कथा के दौरान केवट और भगवान राम के बीच संवाद हुआ, जिसमें केवट ने भगवान से कहा कि उन्हें चार-पांच चक्कर में ही चक्कर आने लगे, जबकि वे 84 योनियों का चक्कर लगाते हैं।इस पर भगवान राम ने केवट से कहा कि वे उसका चक्कर मिटा देंगे, बदले में केवट उनका चक्कर मिटा दे। इसके बाद केवट ने भगवान को गंगा पार करवाया और फिर उतराई देने की बात आई।तो भगवान राम के पास देने के लिए कुछ भी नहीं होता, जानकी जी पति की मन स्थिति को देखकर अपनी अंगूठी देने की कोशिश करती हैं जिस पर लिखा होता है राम….. तब केवट कहता है भगवान इस पर राम लिखा है और राम कभी बेचा नहीं जाता बस मुझे अपने चरणों में स्थान दो इससे बड़ी और उतराई क्या हो सकती है और प्रभु श्री राम केवट को आशीर्वचन देकर प्रयागराज में भारद्वाज ऋषि के आश्रम में पहुंचते हैं। कथा स्थल पर भक्तों की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, प्रसाद काउंटर, पुस्तक स्टॉल, बिजली व्यवस्था और सहायता कक्ष जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।यह नौ दिवसीय श्री राम कथा 18 नवंबर 2025 तक चलेगी। इस अवसर पर गोविंद पंसारी, नीरज पंसारी, सचिन पंसारी, राजीव जयसवाल, सुशील कुमार सोमानी, कृष्णा सोमानी, अक्षय कुमार, राहुल पंसारी, कृष्णा सिंह, प्रह्लाद कुमार सिंह, सोनू झा, अमित पंसारी, गोपाल पंसारी, सोनू पंसारी, महावीर पंसारी, हर्ष पंसारी, ओमप्रकाश सिंह, रोहित सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे।


































