वेतन मांगने की सज़ा: दलित कर्मी को डीबीए के महासचिव अंजनी दुबे ने दीं जातिसूचक गालियां, मारपीट और जान से मारने की धमकी!

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

दो महीने का बकाया वेतन मांगना पड़ा भारी
भागलपुर में जिला विधिज्ञ संघ में कार्यरत सफाईकर्मी राजन हरि ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने पर जब उन्होंने बकाया राशि की मांग की, तो उन्हें अपमान, मारपीट और धमकी का सामना करना पड़ा।
संघ के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप
राजन हरि का आरोप है कि 18 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे जब वे बकाया वेतन मांगने पहुंचे, तो संघ से जुड़े महासचिव अंजनी कुमार दुबे और संघ के पदाधिकारी ने न सिर्फ जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया, बल्कि गाली-गलौज करते हुए मारपीट भी की। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें वहां से भागने को कहा गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

“हरिजन-मेहतर” कहकर किया अपमान?

आवेदन में साफ लिखा गया है कि कथित आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। यहां तक कि उनकी पत्नी संगीता देवी को भी गालियां देने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

पांच साल से कर रहे थे सेवा, अब अपमान?

राजन हरि पिछले पांच वर्षों से सिविल कोर्ट परिसर की सफाई का कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे नियमित और ईमानदारी से काम करते रहे, लेकिन वेतन मांगना उन्हें भारी पड़ गया।

थाने में शिकायत, कार्रवाई पर सवाल

पीड़ित ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि
क्या पुलिस एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करेगी? क्या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा?

सवाल जो जवाब मांगते हैं

  • क्या मजदूर का हक मांगना अपराध है?
  • क्या वेतन के बदले जातीय अपमान मिलेगा?
  • कानून का डर आखिर किसे है?

भागलपुर में यह मामला अब तूल पकड़ सकता है। यदि आरोप सही हैं तो यह सिर्फ वेतन विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक अपमान और कानून की खुली चुनौती का मामला है।

More posts