न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
जिले में जाम की समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। रोजाना लगने वाले जाम ने आम लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के व्यस्त क्षेत्रों महावीर चौक, बस स्टैंड , लोहिया नगर चौक, स्टेशन रोड, डाक घर के आसपास और मुख्य बाजारमें सुबह से लेकर देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, कर्मचारी, दुकानदारों और मरीजों को होती है। कई बार एंबुलेंस को जाम में फंसने के कारण समय पर अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे लोगों की जान पर भी खतरा मंडराने लगता है। लोग बताते हैं कि जाम की वजह से बच्चों की स्कूल बसें देर से पहुंचती हैं, ऑफिस कर्मी रोजाना लेट हो रहे हैं और स्थानीय परिवहन बिल्कुल अव्यवस्थित हो चुका है।
स्थानीय मनोज कुमार, चंदन कुमार , रोशन कुमार , साकेत कुमार ने बताया कि सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण, बाजारों में अवैध पार्किंग, संकरी सड़कें और ट्रैफिक पुलिस की कमी जाम की बड़ी वजह हैं। कई जगह तो वाहन चालकों द्वारा मनमाने ढंग से वाहन खड़े कर देने के कारण सड़क का आधा हिस्सा ही बचता है। छोटी गलियों में तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि जाम से बाजार की गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्राहक जाम से बचने के लिए दुकानों तक पहुंचने से परहेज कर रहे हैं, जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग भी घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं।
आम लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जाम वाले स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाई जाए और पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने कहा है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया जा रहा है। ताकि शहर में जाम की समस्या नहीं हो सके।


























