भाकपा (माले) का बांका प्रखंड सम्मेलन सम्पन्न, वीरबल राय बने सचिव

  • सरकार गरीब–मजदूर विरोधी, आम नागरिकों का जीवन संकट में : एसके शर्मा

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भाकपा (माले) का प्रथम बांका प्रखंड सम्मेलन शुक्रवार को स्थानीय मदोड़ा में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में गरीब–मजदूरों पर बढ़ते हमले, बुलडोजर कार्रवाई, महिला उत्पीड़न और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई तथा मनरेगा की पुनर्बहाली, किसानों को एमएसपी की गारंटी और बेघर–भूमिहीनों को वास–आवास उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
सम्मेलन की अध्यक्षता बिशेश्वर पंडित, डोरिया देवी और बिशेश्वर दास की तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन रखकर शहीदों और दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य एसके शर्मा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र की सरकार के शासन में लोकतंत्र और संविधान पर लगातार हमले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिक हिंसा और राजकीय दमन आम जनता के जीवन को संकट में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े और वंचित वर्ग की महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा–जदयू की सरकार गरीबों और मजदूरों के खिलाफ नीतियां अपना रही है तथा बिहार में भी बुलडोजर कार्रवाई को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। जल, जंगल और जमीन पर कब्जे के प्रयासों से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन, आजीविका और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है और भाकपा (माले) इस लड़ाई को लगातार आगे बढ़ा रही है।
सम्मेलन को ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, भाकपा (माले) बांका के जिला संयोजक रामचंद्र दास, जिला लीडिंग टीम के सदस्य रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, गुड़िया देवी, राजेंद्र यादव, शिवजी दास, बुनेल लैया, बसंत राय और सुरेश दास सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
प्रतिनिधि सत्र में प्रखंड संयोजक वीरबल राय ने संगठन के कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सुझावों को स्वीकार करते हुए सम्मेलन ने रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इसके बाद सम्मेलन के पर्यवेक्षक रणवीर कुशवाहा की देखरेख में प्रखंड कमेटी का चुनाव सम्पन्न कराया गया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय प्रखंड कमेटी का गठन किया गया, जिसमें वीरबल राय, विशेश्वर दास, विशेश्वर पंडित, सरस दास, डोरिया देवी, शिवजी दास, वसंत राय, मेहीलाल लैया, बुनेल लैया, सुदामा देवी और नरेश दास शामिल हैं।
नवनिर्वाचित प्रखंड कमेटी की संक्षिप्त बैठक में वीरबल राय को सर्वसम्मति से बांका प्रखंड का सचिव चुना गया। अंत में कम्युनिस्ट इंटरनेशनल के सामूहिक गान के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।