न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
झखाड़गढ़ पंचायत वार्ड संख्या 8 स्थित धोबी घाट के पास सुरसर नदी पर बना चचरी पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। नदी में नवनिर्मित चैनल भी ध्वस्त हो गया, जिससे नदी का पानी पुनः पुराने धारा में बहने लगा। साथ ही नदी में डुबाए गए जूट पाट भी बह गए।
ग्रामीणों ने बताया कि चचरी पुल ही नदी आरपार आने-जाने का एकमात्र सहारा था। इसके टूटने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खासकर वार्ड संख्या 9, 10 और 11 के ग्रामीण और छात्र अब सबसे अधिक प्रभावित हैं।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या 9, 10 और 11 के बच्चों को प्रतिदिन इसी चचरी पुल के सहारे झखाड़गढ़ उच्च माध्यमिक विद्यालय आना-जाना होता था। पुल ध्वस्त हो जाने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो गई है।
खेती पर संकट
इस पार के ग्रामीणों के खेत-खलिहान नदी के उस पार हैं। पुल न रहने से अब खेती-बारी और फसल की रखवाली भी भगवान भरोसे हो गई है।
वर्षों से लंबित मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग दशकों से हो रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। हर साल ग्रामीण चंदा इकट्ठा कर अस्थायी चचरी का निर्माण करते रहे हैं।
नदी पार करने के लिए अब दक्षिण में चुन्नी और उत्तर में महद्दीपुर का पुल ही विकल्प है, लेकिन दोनों की दूरी 5–7 किलोमीटर है।
प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि सूचना देने के बावजूद अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने तत्काल चचरी पुल का पुनर्निर्माण या नाव की व्यवस्था की मांग की है। इस बाबत पूछे जाने पर सीओ राकेश कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है और आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है।


























